
kim gaucher
कनाडा की बास्केबॉल प्लेयर किम गौचर के सामने एक बड़ी समस्या आ गई है और इसको लेकर वह उलझन में हैं। दरअसल, किम गौचर को अगले महीने से शुरू होने जा रहे टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेना है, लेकिन उनके सामने ममता और सपने में से किसी एक को चुनने की उलझन है। दरअसल, किम गौचर की तीन महीने की बेटी है और वह ओलंपिक के दौरान अपनी बेटी को ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा पाएंगी। किम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि कोविड 19 के नियमों के कारण वह मार्च में जन्मी अपनी बेटी सोफी को ओलंपिक के लिए टोक्यो नहीं ले जा सकती।
सामने हैं कई मुश्किलें
टोक्यो ओलंपिक 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच आयोजित होंगे। पहले इन खेलों का आयोजन 2020 में 24 जुलाई से 9 अगस्त 2020 के बीच होना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे एक साल के लिए स्थगित करना पड़ा। वहीं किम गौचर ने अपनी बेटी के लिए छूट की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को ठुकरा दिया गया है। अब किम ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए बेटी को अपना दूध भेजने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही हैं। लेकिन इसमें भी उनके सामने बहुत सारी समस्याएं आ रही हैं।
खेलों के दौरान कोई परिवार नहीं
किम गौचर ने बताया कि बेटी को ब्रेस्टफीडिंग कराने के निवेदन पर ओलंपिक आयोजकों ने उनसे कहा कि 'खेलों के दौरान कोई दोस्त नहीं, कोई परिवार नहीं, कोई अपवाद नहीं।’ टोक्यो ओलंपिक के दौरान कनाडा की टीम 26 जुलाई से सर्बिया के साथ मुकाबले से अपने ओलंपिक अभियान की शुरुआत करेगी। वहीं कनाडा की महिला टीम विश्व में चौथे स्थान पर है।
उलझन में महिला खिलाड़ी
किम गौचर का कहना है कि उन्हें ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां या ओलंपिक एथलीट के बीच फैसला करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। खिलाड़ी उलझन में हैं क्यों कि ममता और सपने में से किसी एक को चुनना होगा। किम ने कहा कि ओलंपिक में मैच के दौरान जापानी फैंस उपस्थित रहने वाले हैं। उनका कहना है कि एरिना आधी दर्शक क्षमता के साथ भरा होगा, लेकिन बेटी तक मेरी पहुंच नहीं होगी।’
Published on:
26 Jun 2021 02:26 pm
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