
टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास सच दिया था। इसके बाद से लगातार वह सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही उन्होंने एक इंटरव्यू में टोक्यो ओलंपिक का एक किस्सा शेयर किया था। नीरज ने कहा था कि वह फाइनल में थ्रो करने के लिए तैयार हुए तो उनका जैवलिन नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने देखा कि उनका जैवलिन पाकिस्तान के अरशद नदीम लेकर घूम रहे थे। इसके बाद से सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के थ्रोअर अरशद नदीम को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है।
नीरज ने तोड़ी चुप्पी
आखिरकार गुरुवार को नीरज चोपड़ा ने अरशद नदीम के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए अपने एक इंटरव्यू में कहा कि लोगों को बिना कोई वजह से इस मामले को तूल नहीं देना चाहिए। ट्विटर पर जारी एक वीडियो में नीरज चोपड़ा ने कहा कि थ्रो फेंकने से पहले हर कोई अपना जैवलिन वहां पर रखता है, ऐसे में कोई भी वहां से जैवलिन को उठा सकता है और अपनी प्रैक्टिस कर सकता है। ये एक नियम है, जिसमें कोई भी बुराई नहीं है।
'अरशद केवल प्रैक्टिस कर रहा था'
नीरज चोपड़ा ने कहा कि अरशद अपनी प्रैक्टिस कर रहा था, फिर मैंने अपना जैवलिन मांगा तो उन्होंने दे दिया। नीरज ने कहा कि मेरा सहारा लेकर कोई भी इस बात का मुद्दा ना बनाए। खेल सभी को मिलकर चलना सीखाता है, सभी खिलाड़ी आपस में प्यार से रहते हैं तो कोई भी ऐसी बात ना कहें, जिससे हमको ठेस पहुंचे।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, हुआ यूं था कि नीरज चोपड़ा फाइनल में थ्रो करने के लिए तैयार थे, लेकिन इस दौरान पाकिस्तान के अरशद नदीम, नीरज का थ्रो लेकर प्रैक्टिस कर रहे थे। जब नीरज ने देखा कि उनका थ्रो वहां पर नहीं है। उन्होंने चारों और नजर दौड़ाई तो पता चला उनका जैवलिन नदीम के पास है। इसके बाद नीरज ने नदीम से कहा,'भाई यह मेरा जैविलन है, यह मुझे दे दो। मुझे इससे थ्रो करना है।' इसके बाद नदीम ने नीरज को उनका जैवलिन लौटा दिया। नीरज ने कहा कि इसी वजह से फाइनल में उन्होंने पहला थ्रो काफी जल्दबाजी में फेंका था।
Updated on:
26 Aug 2021 05:04 pm
Published on:
26 Aug 2021 05:02 pm
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