
Tokyo Olympics 2020: टोक्यो ओलंपिक 2020 में 13वें दिन भारत के लिए शुरुआत अच्छी रही। अपने ओलंपिक पदार्पण पर ही पदक के दावेदार माने जा रहे भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का ग्रुप-ए में क्वालिफिकेशन राउंड हुआ। इसमें हर एथलीट को तीन प्रयास मिलते हैं। फाइनल में सीधे प्रवेश पाने के लिए 83.50 मीटर का थ्रो होना चाहिए। वहीं भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में फाइनल में प्रवेश कर लिया।
नीरज ने पहले प्रयास में किया 86.65 मीटर का थ्रो
फाइनल में क्वालिफाई करने के लिए 83.50 मीटर का बेंचमार्क रखा गया था, लेकिन जूनियर विश्व रिकॉर्डधारी नीरज चोपड़ा ने पहले ही प्रयास में शानदार थ्रो किया और फाइनल में प्रवेश कर लिया। उन्होंने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर का थ्रो कर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। नीरज के अलावा फिनलैंड के lassi etelatalo ने भी पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए सीधे क्वालिफाई किया। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 84.50 मीटर का थ्रो किया और क्वालिफिकेशन मार्क को पार किया।
तीसरे प्रयास में क्वालिफाई हुए Vetter
वहीं वर्ष 2017 के विश्व चैंपियन और और टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल के प्रबल दावेदार माने जा रहे जर्मनी के एथलीट Johannes Vetter अपने पहले दो प्रयासों में क्वालिफिकेशन मार्क को छूने में असफल रहे। वह 82.08 का ही मार्क छू सके। तीसरे प्रयास में उन्होंने 85.64 मीटर भाला फेंककर क्वालिफाई किया। जोहान्स के नाम दुनिया में सबसे लंबा 97.76 मीटर थ्रो का रिकॉर्ड है। भाला फेंक के ग्रुप ए के क्वालिफिकेशन राउंड में मात्र तीन एथलीटों के अलावा कोई भी एथलीट सीधा क्वालिफाई नहीं कर पाया।
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Updated on:
04 Aug 2021 07:15 am
Published on:
04 Aug 2021 07:00 am
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