Tokyo Paralympics 2020: भारत ने पैरालंपिक में अब तक जीते 4 गोल्ड मेडल, जानिए सिल्वर और ब्रॉन्ज कितने जीते

Tokyo Paralympics 2020: पैरालंपिक खेलों की शुरुआत 1960 में हुई थी। वहीं भारत ने पहली बार 1968 में इसमें हिस्सा लिया था।

By: Mahendra Yadav

Updated: 23 Aug 2021, 01:35 PM IST

Tokyo Paralympics 2020: ओलंपिक खेलों के बाद अब 24 अगस्त से टोक्यो पैरालंपिक खेलों की शुरुआत होने जा रही है। इस बार भारत की ओर से 9 इवेंट्स में 54 पैरा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस बार पैरालंपिक में भारत का यह अब तक का सबसे बड़ा दल है। पैरालंपिक खेलों की शुरुआत 1960 में हुई थी। वहीं भारत ने पहली बार 1968 में इसमें हिस्सा लिया था। भारत अब तक 11 पैरालंपिक खेलों में हिस्सा ले चुका है। इनमें भारतीय पैरा एथलीटों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। जानते हैं कि पैरालंपिक में भारत ने अब तक कितने मेडल जीते हैं और कब जीते हैं।

1972 हैडिलवर्ग पैरालंपिक में जीता गोल्ड मेडल
भारत ने पैरालंपिक में पहला मेडल 1972 के हैडिलवर्ग पैरालंपिक में जीता था। इस पैरालंपिक में भारत के पैरा एथलीट मुरलीकांत पेटकर ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल 3 तैराकी इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। मुरलीकांत पहले भारतीय सेना में थे। 1965 के भारत-पाक युद्ध में पेटकर को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था।

1984 के पैरालंपिक
भारत के पैरा एथलीट जोगिंदर सिंह बेदी पैरालंपिक में सबसे पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1984 के पैरालंपिक में एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।उन्होंने सिल्वर मेडल शॉट पुट में जीता। वहीं जेवलिन और डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीते। इनके अलावा 1984 के ही पैरालंपिक में भीमराव केसरकर ने भी जेवलिन थ्रो में रजत पदक जीता था।

यह भी पढ़ें— टोक्यो पैरालंपिक 2020 कल से, दिल्ली के तीन पैरा एथलीट पदक जीतकर बढ़ा सकते हैं देश का गौरव

paralympic_medalist.png

एथेंस पैरालंपिक 2004
एथेंस पैरालंपिक 2004 में भारत के पैरा एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने जेवलिन थ्रो इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। देवेंद्र झाझरिया टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में इस बार भी उनसे मेडल की उम्मीद है। वहीं 2004 एथेंस के पैरालंपिक राजिंदर सिंह राहेलु ने पावरलिफ्टिंग इवेंट में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 56 किलोग्राम भारवर्ग में 157.5 किलो वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

लंदन पैरालंपिक 2012
लंदन पैरालंपिक 2012 में भारत को सिर्फ एक ही मेडल मिला। इस पैरालंपिक में गिरीशा एन. गौड़ा ने पुरुषों की ऊंची कूद में 1.74 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया था।

यह भी पढ़ें— टोक्यो पैरालंपिक 2020 में हिस्सा नहीं ले पाएंगे अफगानिस्तान के एथलीट, टूटे सपने

रियो पैरालंपिक 2016
रियो पैरालंपिक 2016 में भारत के पैरा एथलीटों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया और कई मेडल जीते। जेवलिन थ्रो इवेंट में देवेंद्र झाझरिया ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं मरियप्पन थंगावेलु ने पुरुषों की ऊंची कूद T-42 इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। थंगावेलु को टोक्यो पैरालंपिक 2020 के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का ध्वजवाहक भी चुना गया है। इसके साथ ही रियो पैरालंपिक में वरुण सिंह भाटी ने पुरुषों की ऊंची कूद इवेंट में तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं दीपा मलिक ने भी रियो पैरालंपिक में शॉट पुट F-53 इवेंट में रजत पदक जीता था। दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।

Mahendra Yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned