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FIFA World Cup 2026: लियोनेल मेसी क्यों खेल रहे हैं 2026 का वर्ल्ड कप? कतर में ट्रॉफी जीतने के बाद भी संन्यास न लेने की असली वजह

Lionel Messi 2026 World Cup: लियोनेल मेसी 2022 वर्ल्ड कप जीतने के बाद संन्यास ले सकते थे, लेकिन वह 2026 वर्ल्ड कप के लिए वापस आ गए हैं। जानिए मेसी के इस आखिरी दांव के पीछे की पूरी कहानी।

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भारत

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Anshika Verma

Jun 05, 2026

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लियोनेल मेसी (Photo - FIFA)

Lionel Messi 2026 World Cup: साल 2022 में कतर के लुसैल स्टेडियम में जब लियोनेल मेसी ने अपने हाथों में चमचमाती वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई थी, तो वह नजारा किसी फिल्म के जैसा था। चारों तरफ सुनहरी की कतरने उड़ रही थीं और पूरा अर्जेंटीना जश्न में डूबा था। ऐसा लगा कि मेसी की कहानी पूरी हो गई और अब वह संन्यास ले लेंगे। लेकिन, अब चार साल बाद उनकी कहानी एक अनोखे मोड़ पर खड़ी है। जब अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की धरती पर 2026 का वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है, तो मेसी हैरान करने वाले रूप में एक बार फिर इस महाकुंभ के केंद्र में हैं।

रिटायरमेंट की जगह अमेरिका को चुना अपना नया ठिकाना

साल 2023 में जब मेसी इंटर मियामी क्लब में शामिल हुए, तो लोगों को लगा कि यह उनके रिटायरमेंट की शुरुआत है। अक्सर ढलती उम्र के स्टार खिलाड़ी आराम के लिए अमेरिका (MLS) जाते हैं। पेले और डेविड बेकहम ने भी ऐसा ही किया था। लेकिन, मेसी वहां एक फीके पड़ते सितारे की तरह नहीं, बल्कि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन के रूप में गए।

उनके आते ही अमेरिकी फुटबॉल का पूरा माहौल बदल गया। जिस देश में लोग सॉकर को घास नहीं डालते थे, वहां के स्टेडियमों में गुलाबी जर्सी पहने बच्चों से लेकर हॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक मेसी-मेसी चिल्लाने लगे। फीफा भी शायद इससे बेहतर स्क्रिप्ट नहीं लिख सकता था।

अब अर्जेंटीना के लिए बोझ नहीं मेसी

एक समय था जब मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना जब भी हारती थी, तो देश में मायूसी छा जाती थी। 2014 वर्ल्ड कप फाइनल और लगातार कोपा अमेरिका की हार ने मेसी को एक उदास जादूगर बना दिया था। 2016 में तो उन्होंने तंग आकर संन्यास भी ले लिया था।

लेकिन कोच लियोनेल स्कालोनी के आने के बाद सब बदल गया। अब टीम पूरी तरह मेसी के भरोसे नहीं रहती। एंजो फर्नांडीज, जूलियन अल्वारेज़ और रोड्रिगो डी पॉल जैसे युवा खिलाड़ी उनके बॉडीगार्ड बनकर मैदान पर जान लगा देते हैं। अब मेसी 39 साल की उम्र में अपनी रफ्तार से नहीं, बल्कि अपने शातिर दिमाग और जादुई पास से मैच का रुख बदलते हैं। कतर में उन पर जीतने का भारी दबाव था, लेकिन इस बार न्यू यॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम (MetLife Stadium) और अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम जैसे मैदानों पर वह बिना किसी दबाव के, पूरी आजादी के साथ सिर्फ फुटबॉल का लुत्फ उठाने उतरेंगे।