प्रशासन ने की नीलामी तो किसान चढ़े टंकी पर

प्रभावित किसान समय मांगने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसे समय देने की बजाय जमीन बेच दी गई।

By: pawan uppal

Published: 10 Feb 2018, 07:29 AM IST

रायसिंहनगर.

एमजीबी बैंक से लिया गया दो लाख रुपए का ऋण आठ साल में बढ़कर करीब साढे बारह लाख रुपए तक पहुंच गया। ऋणी काश्तकार ने 2015 में उक्त ऋण में से 80 हजार रुपए भर दिए। करीब एक माह पहले किसान दो लाख रुपए लेकर बैंक गया तो बैंक ने यह राशि भरवाने से इनकार करते हुए जमीन की नीलामी निकाल दी। तहसीलदार ने भी बिना मौके पर जाए दफ्तर में ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर बाजार दर से आधे दामों पर भूमि का बेचान कर डाला। प्रभावित किसान समय मांगने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसे समय देने की बजाय जमीन बेच दी गई।

 

Video: अलग अलग स्थानों पर महिलाओं से पर्स छीनने की घटनाएं

 

मजबूरन किसान ने किसान सभा को साथ लेकर उपखंड कार्यालय पर धरना लगाया लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो अपने एक सहयोगी किसान लखाहाकम निवासी राजेश गोदारा के साथ शुक्रवार को नई धानमंडी में पानी की टंकी पर पेट्रोल लेकर चढ़ गया। सूचना मिलने पर हरकत में आए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइश के प्रयास किए लेकिन किसान ने नीलामी प्रक्रिया निरस्त कर ऋण चुकाने के लिए समय देने की मांग की। प्रशासन समय देने की मांग पर निर्णय नहीं कर पाया। मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी सत्यवीर यादव और पुलिस उप अधीक्षक आनंद स्वामी वापिस लौट गए।

 

बच्चों ने गटकी कृमिनाशक दवा


समझाइश के बाद नीचे उतरे
रायसिंहनगर में टंकी पर चढ़े किसान प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद रात करीब 9:15 बजे नीचे उतर आए। समझौते के अनुसार जिला कलेक्टर से दूरभाष पर पूर्व में हुई जमीन की नीलामी निरस्त करने एवं प्रभावित किसान को और समय देकर नीलामी प्रक्रिया दुबारा करने का आश्वासन मिलने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया वार्ता के बाद दोनों किसान नीचे उतर आए।


क्या है मामला
जानकारी अनुसार भादवांवाला निवासी काश्तकार पालाराम ने अपनी जमीन पर आरएमजीबी ग्रामीण बैंक से 2009-10 में 2 लाख 90 हजार रुपए का ऋण उठाया था। सिंचाई पानी और बरसात के अभाव में खेतों में उपज में आई गिरावट के कारण आर्थिक हालत खराब होने के कारण वह 2015 तक ऋण नहीं चुका पाया। पालाराम ने 2015 में 80 हजार रुपए बैंक को लौटा दिए। लेकिन बैंक ने 8 लाख 40 हजार रुपए का नोटिस जारी कर दिया।

इतनी बड़ी रकम वह भर पाने में सक्षम नहीं था लेकिन करीब एक माह पहले वह दो लाख रुपए लेकर बैंक पहुंचा। आरोप है कि बैंक ने दो लाख रुपए भरवाने से इनकार कर दिया तथा उसकी जमीन की नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी। किसान का आरोप है कि नीलामी के समय उसे कुल ऋण राशि 12 लाख 35 हजार रुपए बताई गई तथा तहसील कार्यालय में ही उसकी जमीन को नीलाम कर दिया गया। जमीन की नीलामी भी
प्रचलित कीमतों से आधी दर पर की गई।
प्रशासन ने की अनसुनी
किसानों का आरोप है कि नीलामी की फाइल जब जिला प्रशासन के पास अनुमोदन के लिए गई तो उसने जिला कलक्टर के समक्ष पेश होकर भी नीलामी को स्थगित कर ऋण राशि भरवाने के लिए दो माह का समय देने की मांग की। जिस पर जिला कलक्टर ने समय देने का आश्वासन दिया लेकिन रायसिंहनगर तहसीलदार और बैंक प्रबंधन ने उसकी जमीन को नीलाम कर दिया। आक्रोशित काश्तकार अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं के साथ पिछले 18 दिन से धरने पर बैठा हुआ था।

Show More
pawan uppal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned