
arrested accused
श्रीगंगानगर.
विद्युत चोरी निरोधक थाना पुलिस ने करीब ढाई साल पहले बिजली चोरी करते पकड़े गए चार आरोपियों को गुरुवार अलसुबह उस समय धर दबोचा जब वे उनिंदा थे। जुर्माना नहीं चुकाने के कारण उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। दोपहर बाद उन्हें अदालत में पेश किया दो जनों को जेल भेज दिया जबकि दो जमानत पर रिहा हो गए।
विद्युत चोरी निरोधक थाने के प्रभारी जयनारायण जांदू ने बताया कि सभी आरोपितों की गिरफ्तारी सुबह 7 बजे से पहले कर ली गई। चार में तीन आरोपित एलटी लाइन के कुंडी डालकर बिजली चोरी करते पकड़े गए थे जबकि एक बिजली कनेक्शन कटने के बावजूद विद्युत चोरी कर रहा था। सभी चोरी के बिजली से हीटर जलाते पकड़े गए। बिजली चोरी करते पकड़े जाने के बाद आरोपितों ने जुर्माना राशि जमा नहीं करवाई। जिसके चलते उनके खिलाफ विद्युत चोरी निरोधक थाने में मुकदमे दर्ज कराए गए।
इन आरोपितों की हुई गिरफ्तारी
चक 27 ए (अनूपगढ़) निवासी मिलखराज पुत्र टेकचंद को 10 जून 2015 को एईएन मुकेश कुमार चौहान ने बिजली चोरी करते पकड़कर 23 हजार 969 रुपए जुर्माना लगाया। उसके खिलाफ 29 सितम्बर 15 को मुकदमा दर्ज कराया गया। इसी गांव के बाशिंदे किशन सिंह पुत्र बलवीर सिंह को 4 दिसम्बर 15 को जेईएन कालूराम मीणा ने बिजली चोरी करते पकड़कर 41 हजार 284 रुपए जुर्माना लगाया। इसी तरह 23 एपीडी (अनूपगढ़) निवासी लक्ष्मण सिंह पुत्र नानक सिंह को जेईएन मीणा ने 6 अक्टूबर15 को बिजली चोरी करते पकड़कर 14097 रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसके खिलाफ 23 नवम्बर 15 को एफआईआर दर्ज करवाई गई।
अनूपगढ़ क्षेत्र के चक 6 एमएसआर के मनिन्द्र सिंह पुत्र सरदूल सिंह को जेईएन मीणा ने 14 अक्टूबर 15 को बिजली चोरी करते पकड़कर 34 हजार 946 रुपए जुर्माना लगाया गया। उसके खिलाफ 30 नवम्बर 2015 को एफआईआर दर्ज की गई। चारों आरोपितों को थानाप्रभारी जांदू ने गुरुवार दोपहर बाद एडीजे-प्रथम की अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने जुर्माना राशि जमा नहीं करवाने पर लक्ष्मण सिंह और किशन सिंह को जेल भेेज दिया।
Published on:
18 Jan 2018 09:33 pm
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