
bus stand
श्रीकरणपुर.
यहां बस अड्डा बने करीब दस साल हो चुके हैं। लेकिन इतना लंबा अर्सा बीतने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे यात्रियों व आमजन को परेशानी हो रही है। नगरपालिका की ओर से पिछले दिनों रंगरोगन करवाकर सफाई व्यवस्था में सुधार जरूर किया गया है लेकिन यहां आज भी कई अव्यवस्थाएं हैं जिनसे यात्री परेशान हुए बिना नहीं रहते।
यात्री हो रहे हलकान...
बस अड्डे पर वर्तमान में किसी तरह की समय समय-सारणी व किराया सूची अंकित नहीं है। इससे जहां यात्रियों को किसी बस के संचालन का सही समय पता नहीं लगता। वहीं, बैठने के लिए 'सुविधाजनक' सीट नहीं होना आश्चर्यभरा है। सीटों के अभाव में बस का इंतजार करने के लिए खड़े रहने की मजबूरी है। पेयजल का समुचित प्रबंध व छतों पर पंखें नहीं होने से गर्मी के दौरान यात्री हलकान हुए बिना नहीं रहते। हैरानी वाली बात है कि रोडवेज प्रबंधन ने इस ओर कभी ध्यान ही नहीं दिया।
दस साल से हो रहा इंतजार...
गौरतलब है कि बीएडीपी योजना के तहत नगरपालिका ने वर्ष 2007-08 में बस अड्डे के निर्माण पर दस लाख रुपए खर्च किए। तत्कालीन कृषि विपणन राज्यमंत्री सुरेन्द्रपालसिह टीटी ने 29 मार्च 2008 को इसका लोकार्पण किया। इसके बाद यहां बुकिंग खिड़की, बस कांउटर, विश्राम गृह, शौचालय आदि की सुविधा शुरू हुई। लेकिन यह सब कुछ समय तक ही जारी रहा। विभागीय अनदेखी व सुचारू रखरखाव के अभाव में भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है।
शीघ्र मिलेंगी सुविधाएं...
'बस अड्डे पर सुविधाएं उपलब्ध करवाना हालांकि रोडवेज निगम की जिम्मेवारी है। लेकिन यात्रियों की परेशानी को देखते हुए हाल ही में वहां करीब ढाई लाख रुपए खर्च कर भवन का रंगरोगन, शौचालय व सफाई व्यवस्था सुचारू की गई। सीटिंग बैंच व पंखों सहित अन्य सुविधाएं भी शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएंगी।'
-लालचंद सांखला, ईओ श्रीकरणपुर।
Published on:
18 Jun 2018 09:36 pm
