
cm
श्रीगंगानगर ।
राजस्थान में चुनावी साल के चलते कुछ दल और पार्टीयों के विरोध खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में अनूपगढ़. घड़साना में इंदिरागांधी नहर परियोजना को चार में से दो ग्रुप में पानी चलाने की मांग पर आमरण अनशन पर बैठी घड़साना पंचायत समिति प्रधान रानीबाला दुग्गल की तबीयत बिगडऩे पर गत दिवस पुलिस ने जबरदस्ती बीकानेर पीबीएम में भर्ती करवाया था। पुलिस की कार्रवाई में विरोध करने वालों पर पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग कर पूर्व विधायक पवन दुग्गल सहित 13 माकपा नेताओं को गिरफ्तार किया था।
माकपा नेताओंं में पुलिस की कार्रवाई के प्रति रोष उत्पन्न हो गया। जिस पर माकपा नेता आज रोष मार्च निकालते हुए पुलिस थाने के समक्ष एकत्रित हुए और मुख्यमंत्री के विरोध में नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। माकपा नेताओ ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस घड़साना पुलिस ने आंदोलन को कुचलने के लिए हमारे कार्यकताओं पर लाठी चार्ज किया है,उन्होने कहा कि इस प्रदर्शन के बाद घडसाना में पडाव डाल कर सरकारी मशीनरी को ठप्प किया जाएगा।
साथ ही माकपा नेताओं ने मुख्यमंत्री की सभा का विरोध करने की बात कही। उन्होंने कहा कि 7 सितम्बर को किसी भी एक बहुत बडी संख्या में एकत्रित होंगे तथा मुख्यमंत्री को अनूपगढ़ में सभा नही करने देंगे। प्रदर्शन केबाद राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी पुलिस थानाधिकारी नरेश निर्वाण को सौंपा। इस अवसर पर माकपा के तहसील सचिव रोशन लिम्बा,सुनील गोदारा,राजू चलाना,मुकेश महला सहित सैंकडों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
हर तरफ "गौरव यात्रा" का हो रहा विरोध
वहीं दूसरी तरफ चूरू के सरदारशहर में कुछ युवाओं ने बैठक की और मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा का विरोध करने का निर्णय लिया। चूरू के सरदारशहर के अर्जुन क्लब स्वास्थ्य केन्द्र के पास शनिवार को युवाओं की बैठक हुई। जिसमें राजकीय अस्पताल को 100 बेड का नहीं करने पर मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा का विरोध करने का निर्णय लिया गया।
युवाओं ने बताया कि लंबे समय से राजकीय अस्पताल को 100 बेड का करने व ट्रोमा सेन्टर शुरू करने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। फिर भी सरकार के कानो पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जिसके कारण क्षेत्र की जनता में रोष व्याप्त है। मांगों पर विचार नहीं करने पर 10 सितंबर को मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा का विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 210 गांवों के मरीज इस अस्पताल में आते है। यहां पर सुविधा नहीं होने के कारण चिकित्सक मामूली बीमारी के मरीजों को भी बीकानेर रैफर कर दिया जाता है। इसके साथ मेगा हाइवे गुजरने के कारण दुर्घटनाओं में बढोतरी हुई है। अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को बीकानेर रैफर कर दिया जाता है। जिसमें अधिकतर मरीज मौत के शिकार हो जाते है।
Updated on:
02 Sept 2018 04:55 pm
Published on:
02 Sept 2018 03:12 pm
