स्नेह संबंधों से बढ़ रहा किन्नरों का परिवार

-देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे किन्नर

By: pawan uppal

Published: 20 Jul 2018, 09:45 AM IST

श्रीगंगानगर.

ममत्व एक भाव है जो किसी को किसी के भी प्रति उत्पन्न हो सकता है। कुछ ऐसा ही भाव इन दिनों यहां चल रहे राष्ट्रीय किन्नर सम्मेलन में किन्नरों का किन्नरों के प्रति नजर आ रहा है। वे स्नेह संबंधों के जरिए ही अपना परिवार बढ़ा रहे हैं। वे यहां चल रहे राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने ही समुदाय के पसंद आने वाले किन्नर को अपनी बेटी बना रहे हैं। बकायदा इसके लिए एक दूसरे को उपहार दिए जा रहे हैं और उपहारों के आदान-प्रदान के लिए हमेशा के लिए एक दूसरे से जुडऩे का वायदा किया जा रहा है।


गुड्डी ने बनाई बेटी
इसी सम्मेलन में पहुंची केसरीसिंहपुर की गुड्डी रानी ने बताया कि उन्होंने श्रीगंगानगर की एक किन्नर को बेटी के रूप में स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे अब हमेशा के लिए एक दूसरे से जुड़ गए हैं। दोनों ने एक दूसरे को उपहार दिए और बन गया मां बेटी रिश्ता। अब हर सुखदुख में मां बेटी हमेशा साथ रहेंगी। स्थानीय किन्नर डेरे की राजरानी बताती हैं कि जिस तरह आम इंसानों में मां-बेटी का संबंध होता है ठीक वैसे ही हमारे यहां भी होता है। हम इसी तरह से संबंध बनाकर इसी को अपना परिवार मानते हैं।


किन्नर अनन्या का कहना था कि हम लोगों में हमारे समुदाय के बीच से ही मां बेटी का संबंध विकसित होता है जो हमेशा चलता है। किन्नरों के बाईस डेरों की प्रमुख हाजी मियां सायरा ने बताया कि इस तरह से डेरों से जुड़े लोगों से ही हमारा परिवार बनता है। इस प्रकार से हम लोग एक दूसरे को बेटी अथवा मां के रूप में स्वीकार कर जीवन जीते हैं। किसी को बेटी बनाने के लिए उसे कपड़े-गहने आदि के उपहार दिए जाते हैं।

 


देशभर से आने वाले किन्नर दे रहे उपहार
दस दिन के दौरान चला दिवंगत पूर्व डेरा प्रधानों की स्मृति में भंडारा
शहर के ग्रीन वैली रिसोर्ट में चल रहे राष्ट्रीय किन्नर सम्मेलन में अब उपहारों का दौर चल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले किन्नर नव नियुक्त स्थानीय डेरे के प्रधान पप्पू हाजी को उपहार देकर भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे हैं। रिसोर्ट परिसर में उपहारों के ढेर लगे हैं। दो दिन पहले यहां पहुंचे किन्नर अब अपने डेरों को लौटने लगे हैं वहीं अन्य राज्यों से बाद में आने वाले किन्नर अब भी रिसोर्ट परिसर में हैं।


उनके भोजन सहित तमाम तरह के इंतजाम मौके पर किए गए हैं। मौके पर हजारों रुपए के लेडीज सूट और गहनों की बिक्री हो रही है वहीं कई किन्नर अपने नाप के हिसाब से नए सूट भी सिलवा रहे हैं। इसके लिए मौके पर ही सिलाई का काम किया जा रहा है।

वाटर प्रूफ डोम में कर रहे आराम

इस बीच बड़ी संख्या में किन्नर पैलेस परिसर में बने वाटर प्रूफ डोम में आराम कर रहे हैं। इनके लिए यहां कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है तथा इसके साथ ही पूरे रिसोर्ट में संप्रेषण बनाए रखने के लिए वॉकी टॉकी का उपयोग किया जा रहा है।

कपड़े और मेकअप शानदार
रिसोर्ट परिसर में किन्नर शानदार कपड़े और गहने पहनकर इधर उधर घूम रहे हैं। इसके साथ ही अलग-अलग भाषाओं और अंदाज में बतियाते किन्नर एक अलग ही नजारा प्रस्तुत करते हैं। कपड़ों की खरीद के लिए रिसोर्ट परिसर में ही बाजार सजा हुआ है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय किन्नर सम्मेलन में कोलकाता, जम्मू, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद सहित विभिन्न स्थानों के किन्नर श्रीगंगानगर पहुंचे हुए हैं।

 

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