
-पुलिस थाने में सीओ के सामने किसान नेताओं ने माफी मांगकर छुड़ाया पीछा
पदमपुर.
गांव बंद आंदोलन के तहत किसानों ने शुक्रवार को सब्जी-फल के विक्रेताओं पर अपना गुस्सा निकाला। सुबह धानमंडी में स्थित सब्जी के थोक विक्रेता कालड़ा फ्रूट कम्पनी की दुकान पर तोडफोड़ कर दी। दो पिकअप जीप वालों का सामान जबरन 41 आरबी स्थित एक आश्रम में खाली करवा दिया गया। आंदोलन के तहत किसान सुबह फल सब्जी के थोक विक्रेता कालड़ा फ्रूट कम्पनी पर पहुंचे। यहां बाहर सब्जी देख कर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
किसानों ने सब्जी बिखेर दी और दुकान में तोडफोड़ की। किसानों ने इस दुकान पर सब्जी लेकर पहुंची दो पिकअप जीपों को भी अपने कब्जे में कर लिया। एक पिकअप में करीब 20 हजार खरबूजे व पिकअप चालक कुलदीप सिंह को व दूसरी पिकअप में कई सब्जियां व चालक इमरान को भी साथ ले लिया। किसानों ने सब्जी की दोनों जीपों को गांव 41 आरबी स्थित हर प्रभ आसरा में खाली करवा कर जीपें चालकों के सुपुर्द कर दी। इसके अलावा एक व्यक्ति बैग में दूध की बोतलें भरकर बड़ी होशयरी लेकर जा रहा था पर किसानों को पता लगने पर बैग देखा तो करीब 35 लीटर दूध भी पकड़ा गया।
इधर शहर में बस स्टैण्ड के निकट फल विक्रेताओं की रेहड़ी पर किसानों ने उत्पात मचाया। यहां रखे केले, सेब सहित कई फल बिखेर दिए। इस घटना से व्यापारियों में रोष फैल गया। व्यापारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाया। इस घटना को लेकर व्यापारी बड़ी संख्या में पुलिस थाने में एकत्रित हो गए। व्यापारियों ने तोडफोड़ करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फिर सीओ सुनील पंवार के समक्ष किसानों व व्यापारियों में वार्ता हुई। इसमें 45 आरबी के किसान हरजीत सिंह उप्पल सहित कई बड़े किसान नेताओं ने किसानों से हुई गलती की माफी मांगी और समझौता हो गया।
Published on:
01 Jun 2018 09:49 pm
