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बेचान में गड़बड़ी करने पर किसानों की 17 करोड़ की राशि अटकी

जल्दी ही जांच रिपोर्ट फाइनल होने वाली है

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बेचान में गड़बड़ी करने पर किसानों की 17 करोड़ की राशि अटकी

बेचान में गड़बड़ी करने पर किसानों की 17 करोड़ की राशि अटकी

बेचान में गड़बड़ी करने पर किसानों की 17 करोड़ की राशि अटकी

श्रीगंगानगर.न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद में क्रय-विक्रय सहकारी समिति रावला मंडी में हुई गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कलक्टर ने राजफैड से भुगतान पर रोक लगा रखी है। रावला क्षेत्र के किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों का बेचान किया था, बेचान में गिरदारी में फर्जीवाड़ा करने पर उन सभी किसानों का राजफैड ने जांच कंप्लीट होने तक भुगतान रोक दिया है। राजफैड के अधिकारियों ने बताया कि रावला क्षेत्र में 31 हजार क्विंटल सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की थी। अब करीब 17 करोड़ रुपए की राशि किसानों की अटकी हुई है। राजफैड के अधिकारियों का तर्क है कि जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को भुगतान रोका गया है तथा जांच रिपोर्ट फाइनल होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं,इस प्रकरण की विस्तृत जांच जिला परिषद सीइओ मुहम्मद जुैनद व एक अन्य आईएएस अधिकारी कर रहे हैं। जल्दी ही जांच रिपोर्ट फाइनल होने वाली है।

सीइओ से मिलकर भुगतान की मांग की

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भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश के जिला मंत्री अनूपगढ़ प्रमोद गोदारा ने जिला परिषद सीइओ से मिलकर रावला क्रय-विकय सहकारी समिति की ओर से सरसों खरीद में हुई भ्रष्टाचार में आरोपित किसानों पर एफआइआर दर्ज करवाने के आदेश दिए गए हैं। इस कारण सरसों खरीद का भुगतान भी रोक दिया गया है। इसमें किसानों को निर्देश दिए हैं कि उनका भी भुगतान रूका हुआ। इस कारण निर्देश किसानों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। इन किसानों की जल्द भुगतान करवाया जाए। वहीं,जिला परिषद सीइओ ने संघ के पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

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अतिरिक्त रजिस्टार करेंगे कार्रवाई
जिला प्रशासन की अंतरिम जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए क्रय-विक्रय सहकारी समिति रावला के अधिकारी व पांच कर्मचारियों के खिलाफ राजफैड ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां खंड बीकानेर को कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। अंतरिम जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए क्रय-विक्रय सहकारी समिति रावला के प्रबंधक गिरधारी लाल सहारण,कंप्यूटर ऑपरेटर राकेश कुमार,सेल्समैन दिनेश बिश्नोई,वरिष्ठ सहायक व खरीद प्रभारी वेदप्रकाश व पटवारी महेश कुमार को जांच रिपोर्ट में दोषी माना गया था। अब इन कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई बीकानेर से होगी। जबकि इ-मित्रा संचालकों के लाइसेंस रद्द कर कार्रवाई करने के निर्देश सूचना एवं प्रौद्योगिक विभाग के उच्चाधिकारियों को दिए गए हैं।