
शहर से किसानों के नाके हटेंगे, गांवों से आपूर्ति करेंगे ठप
श्रीगंगानगर.
किसानों के गांव बंद आंदोलन के तहत शहर के प्रवेश मार्गों पर लगाए गए नाके गुरुवार से हट जाएंगे। इसके बाद यह नाके गांव में लगाकर शहरों को दूध और सब्जी तथा अन्य कृषि उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह ठप की जाएगी। राष्ट्रीय किसान महासंघ कोर कमेटी की बुधवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। पंजाब के किसान संगठनों को 6 जून से आंदोलन समाप्त करने की बजाय परिस्थितियों के अनुसार आंदोलन चलाने का कहा गया है।
गंगानगर किसान समिति संयोजक रणजीत राजू ने बताया कि गांव बंद आंदोलन को लेकर दिल्ली में हुई बैठक में समिति का प्रतिनिधित्व कर रहे संतवीर सिंह मोहनपुरा ने दूरभाष पर निर्णयों की जानकारी दी। राजू ने बताया कि सरकार दबाव बनाने के लिए अब गांवों से सप्लाई लाइन काटी जाएगी। इसकी रणनीति तय करने के लिए बुधवार सुबह 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा में बैठक रखी गई है। नाकों पर तैनात कार्यकर्ताओं के अलावा आंदोलन से जुड़े सभी किसान संगठनों के पदाधिकारियों को बैठक में आमंत्रित किया गया है।
गांव में ही होगी बिक्री
गंगानगर किसान समिति के संतवीर सिंह मोहनपुरा ने 'पत्रिकाÓ से बातचीत में बताया कि दूध-सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों की बिक्री अब गांवों में होगी। दस जून तक किसान अपने उत्पादों की बिक्री गांव में ही करेंगे। अभी तक इनकी बिक्री शहर के प्रवेश मार्गों पर हो रही थी। श्रीगंगानगर में आमजन की सुविधा के लिए गंगानगर क्लब के पास दूध-सब्जी की बिक्री शुरू की गई थी। आंदोलन की नई रणनीति में यह सुविधा समाप्त हो जाएगी। किसान आंदोलन से अभी तक सरकार पर कोई दबाव नहीं बना। इसे ध्यान में रखकर राष्ट्रीय किसान महासंघ की कोर कमेटी ने अब दबाव की रणनीति बनाई है।
नाकों पर वाहनों की जांच बंद
शहर के प्रवेश रास्तों पर किसानों की तरफ से लगाए गए नाकों पर मंगलवार को सभी वाहनों की जांच नहीं की। किसानों ने टेंट में बैठकर विरोध जताया। हालांकि किसानों ने इस बात का भी ध्यान रखा कि कोई सब्जी या दूध का वाहन शहर में प्रवेश न करे।
Published on:
06 Jun 2018 08:05 am
