
पुरुष हमेशा गलत नहीं होते, महिलाएं बनती हैं उनकी पीड़ा कारण
श्रीगंगानगर. ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजक काजल जादौन ने कहा है कि हर मामले में पुरुष ही गलत नहीं होते। कई बार महिलाएं स्वयं उनकी पीड़ा का कारण होती हैं तथा कानून का दुरुपयोग कर वे पुरुषों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा, बलात्कार आदि के मामले दर्ज करवा देती हैं।
गुरुवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में काजल ने कहा कि वे महिलाओं के इस गलत रवैये के खिलाफ ‘बेटा बचाओ’ अभियान चला रही हैं। उनका कहना था कि महिलाएं कई मामलों में कानून का गलत उपयोग करती हैं तथा पुरुषों के खिलाफ स्थितियां बना देती हैं। उनका कहना था कि इलाके में एक ही महिला के कई पुुरुषों से विवाह कर रुपए ऐंठने जैसे मामले समने आए हैं। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में पुरुषों को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वे ऐसे पुरुषों के साथ हैं जो न्याय पाना चाहते हैं तथा ऐसे मामलों में संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना था कि उन्होंने शुरुआत में महिलाओं, निराश्रित बुजुर्गों आदि का सहयोग किया लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आने लगे जिनमें स्वयं को पीडि़ता बताने वाली महिला ही गलत साबित हो रही थी। इस पर उन्होंने बेटा बचाओ अभियान शुरू किया यानी उन्होंने पुरुषों का पक्ष लेते हुए ऐसे में मामलों में उनका साथ दिया।
आज जलाएंगे पुतला
काजल ने बताया कि वे इसी क्रम में गुरुवार शाम चार बजे शहर के गंगासिंह चौक पर सरूपनखा, ताडक़ा और पूतना के पुतले जलाएंगी। उनका कहना था कि सरूपनखा ने रावण को गलत जानकारी देकर राम-रावण युद्ध का कारण बनी। ताडक़ा ने वन में ऋषि मुनियों को प्रताडि़त किया अैर पूतना ने भगवान कृष्ण को जहर देने का प्रयास कर किसी का वंश समाप्त करने की कोशिश की। ऐसे में ये तीनों महिलाएं पुरुषों को परेशान करने की प्रतीक थीं। इसलिए उनके पुतले जलाए जाएंगे। इस दौरान मौके पर मौजूद संगठन से जुड़े लोगों ने अपनी पीड़ा भी बताई।
Published on:
10 Oct 2019 01:38 pm
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