
सर्विस रोड से हाइवे संकरा, अब बनेगा चुनावी मुद्दा
श्रीगंगानगर.
शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक नेशनल हाइवे के दोनों साइडों में इंटरलोकिंग टाइल्स बिछाकर सविज़्स रोड बनने से राहगीरों के लिए आफत खड़ी हो गई। बरसाती पानी इन दोनों साइडों में पसरा रहा। इसी रोड पर भारी वाहनों के मनमजीज़् से खड़े होने के कारण इस रोड पर आवागमन बाधित हो रहा है।
सड़क दुघज़्टनाओं का अंदेशा अधिक हो गया है। विधायक, पूवज़् मंत्री और पूवज़् सभापति ने रोड के निमाज़्ण को गैर जरूरी बताया है।विधायक कामिनी जिन्दल ने नगर विकास न्यास प्रशासन के खिलाफ मोचाज़् भी खोल दिया है। विधायक की माने तो यह रोड सत्तर फीट चौड़ी थी लेकिन अब महज बीस फीट की रह गई है। जिन्दल ने नगर विकास न्यास की ओर से कराए जा रहे सविज़्स रोड के निमाज़्ण पर भी सवाल खड़े किए हैं।
हाइवे का बिगाड़ा स्वरूप
नगर परिषद के पूवज़् सभापति जगदीश जांदू ने आरोप लगाया कि यूआइटी ने सविज़्स रोड के नाम पर सवा करोड़ रुपए का बजट खपाने के लिए नेशनल हाइवे का स्वरूप ही बिगाड़ दिया है। यहां तक कि दोनों साइडों में दुकानों के आगे इंटरलोकिंग टाइल्स बिछा दी गई है लेकिन भारी वाहन चालक इस रोड पर अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। इससे राहगीरों को लाभ के बजाय नुकसान हो रहा है।
कहां से पकड़कर लाए इंजीनियर
पूवज़् मंत्री राधेश्याम गंगानगर का कहना है कि यूआइटी में ऐसे इंजीनियर कहां से पकड़कर लाए हैं जिन्होंने नेशनल हाइवे का स्वरूप ही बिगाड़ दिया है। इंटरलोकिंग टाइल्स से कभी सविज़्स रोड होती है क्या। उन्होंने नगर विकास न्यास अध्यक्ष संजय महिपाल मनमजीज़् से ऐसे-ऐसे निमाज़्ण करवा रहे हैं।
रूटीन में जांच के लिए बोला था
नगर विकास न्यास प्रशासन को सविज़्स रोड पर नियम कायदों के खिलाफ निमाज़्ण के संबंध में रूटीन में जांच कराने की बात कही थी। न्यास ने नियम कायदों के अनुरूप यह निमाज़्ण करवाया है। यदि खिलाफ होता तो दुबारा कोई शिकायत आती।
ज्ञानाराम, जिला कलक्टर
Published on:
30 Sept 2018 01:00 pm
