
अंग्रेजों के जमाने की पद्धति पर लगा विराम, अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन नई तकनीकी से लैस, अब बत्तियों से मिलेगा सिग्नल
अनूपगढ़. कस्बे के रेलवे स्टेशन अब सिग्रल के लिए नई तकनीकी विकसित हो गई है। नई तकनीक के तहत स्टेशन पर पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था लागू की गई है। स्टेशन मास्टर भीष्म कुमार यादव ने बताया कि सिग्रल सिस्टम अब सिंगल कलर लाइट में पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत हो गया है। इसके अलावा स्टेशन पर टिकट खिडक़ी का स्थान भी बदल दिया गया है।
अंग्रेजों के जमाने की पद्धति पर लगा विराम
इससे पूर्व रेल के आने और जाने पर लीवर के सहयोग से सिग्नल दिया जाता था। यह व्यवस्था आजादी से पूर्व से चली आ रही थी। अब रेल के आने तथा जाने के समय सिग्रल सिस्टम को इलैक्ट्रोनिक किया गया है। अब हरी, पीली तथा लाल बत्तियां रेल के आवागमन के सिग्रल को दर्शाएंगी। इस प्रणाली के लिए स्टेशन पर विडियो डिस्पले यूनिट लगाई गई है। इंटरलॉकिंग व्यवस्था नए भवन में शुरू की गई है । इस अवसर पर यातायात निरीक्षक राजीव वालिया, स्टेशन अधीक्षक दीपक कुमार, स्टेशन मास्टर भीष्म कुमार यादव, तकनीकी अधिकारी, सिग्नल अधिकारी और इंजीनियरों ने भाग लिया ।
कर्मचारियों को मिलेगी राहत
स्टेशन पर इलैक्ट्रोनिक सिस्टम हो जाने से संबंधित कर्मचारी को राहत मिलेगी। अब उसे रेल आने के समय लाइन बदलने वाले प्वांइट पर जाकर लीवर नही खींचना पडेगा। पूर्व में यह काम हस्तचलित लीवर प्रणाली से होता था। अब इसे स्टेशन अधीक्षक के कमरे से ही पावर प्वाइंट से जोड़ दिया है। इस के लिए स्टेशन भवन की नई बिल्डिग़ में एक ईआरएम रूम भी स्थापित किया गया है। इसके अलावा इलैक्ट्रानिक सिस्टम होने से रेलवे फाटक को भी बंद करने या खोलने के लिए मेहनत नही करनी पड़ेगी।
Published on:
01 Apr 2019 12:31 pm
