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श्रीगंगानगर.
जिले की नौ पंचायत समितियों में मनरेगा कार्यों में एकाएक आई कमी को लेकर सक्रियता से कदम नहीं उठाने पर जिला परिषद प्रशासन ने विकास अधिकारियों को नोटिस थमा दिया है। श्रीगंगानगर, पदमपुर, श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, सूरतगढ़, सादुलशहर, श्रीविजयनगर, अनूपगढ़ और घड़साना पंचायत समिति के विकास अधिकारियों से अगले दो दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर निलम्बन की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिन्मयी गोपाल ने बताया कि जिले की प्रत्येक पंचायत समिति में मनरेगा कार्यो की समीक्षा रिपोर्ट देखी तो मनरेगा श्रमिकों को रोजगार देने की संख्या एकाएक कम नजर आई। विकास अधिकारियों से मांगी गई इस रिपोर्ट में कामकाज को लेकर संतोषजनक काम नहीं था। मनरेगा श्रमिकों को रोजगार अधिक मिल रहा था, लेकिन पिछले डेढ़ साल में यह गिरावट इतनी आई है कि जिले में अब महज पन्द्रह हजार श्रमिकों को ही रोजगार मिल रहा है, पहले यह संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच गई थी।
फार्म भरने पर रोजगार की गांरटी
सीईओ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा श्रमिकों को अधिकाधिक रोजगार मिले, इसके लिए श्रमिकों को फार्म संख्या छह ए भरना अनिवार्य है। इस फार्म के भरने वाले आवेदकों को पन्द्रह दिन में रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। यह गारंटी की प्रक्रिया में आता है। प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर करीब तीन सौ फार्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन फार्म को देने में कोई ग्राम विकास अधिकारी या लिपिक या अन्य कार्मिक आनाकानी करता है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड में मॉनीटरिंग दुरुस्त करने का प्रयास
घड़साना क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में सरकारी रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो रहा है। इसकी वजह सही मॉनीटरिंग नहीं होना है। यहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन फार्म बीस-बीस दिन तक ग्राम पंचायतों के कार्यालय में रखे जाते हैं। ऐसे में पात्र परिवारों को समय पर सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता। उन्होंने पंचायत समिति विकास अधिकारियों से ऐसे ग्राम पंचायतों में चैकिंग कर रिपोर्ट देने के आदेश किए हैं।
Published on:
01 Jun 2018 09:57 pm
