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सीमा हैदर जैसा मामला: प्यार की खातिर सरहद लांघ राजस्थान आया पाकिस्तानी, अब भुगतेगा ये अंजाम

पाकिस्तानी युवक ने पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बताया कि सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती एक महिला से हुई। उसके बाद उन्होंने आपस में नम्बर शेयर किए।

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अनूपगढ़। सोशल मीडिया पर मुम्बई की एक महिला के इश्क में सीमा लांघने वाले पाकिस्तानी युवक को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। वहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. सोनिया पूर्वा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दो धाराओं में दो-दो साल की सजा सुनाई। दोनों सजाए एक साथ चलेगी।

आरोपी को प्रकरण में अपना पक्ष रखने के लिए भी विधिक सहायता उपलब्ध करवाई गई थी। उक्त प्रकरण का दोषी मोहम्मद अहमर पुत्र मोहम्मद असलम निवासी बीस फोडवा तहसील हासलपुर पुलिस थाना कायमपुर जिला बहावलपुर (पाकिस्तान) दो वर्ष पहले 4 दिसम्बर को तारबंदी पार करने की कोशिश कर रहा था। उसे सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि युवक के पास से कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

इस संबंध में सीमा सुरक्षा बल के सहायक समादेष्टा कैलाश पोस्ट दीपेंद्र रमन पुत्र शक्ति ने 5 दिसम्बर को धारा 3/6 पासपोर्ट अधिनियम तथा धारा 3/14 विदेशी विषयक अधिनियम में मामला दर्ज करवाया था। प्राथमिक पूछताछ में पाकिस्तानी युवक ने पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बताया था कि कुछ समय पूर्व सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती मुम्बई निवासी एक महिला से हुई। उसके बाद उन्होंने आपस में नम्बर शेयर किए।

दोस्ती प्यार में बदल गई तथा उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया। इस दौरान उसने भारत के लिए वीजा लगाने का भी प्रयास किया लेकिन उसका वीजा नहीं लग पाया तो उसने शादी के लिए तारबंदी पार करने का प्रयास किया। 3 दिसम्बर 2021 को वह अपने गांव से बस से बहावलपुर तक आया और उसके बाद रात को उसने तारबंदी पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान वह पकड़ा गया। न्यायालय के सामने उसने आरोपों से इनकार कर दिया। उसने न्यायालय में पेशी के दौरान कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा हैं।

वहीं दोनों पक्षों की तरफ से पेश की गई दलीलों के बाद आरोप साबित होने पर दोषी पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मोहम्मद अहमर अपने परिवार में अकेला हैं। वह रास्ता भटक कर सीमा पार आ गया है,उसका यह पहला अपराध है। न्यायालय की तरफ से दोनों पक्षों की तरफ से पेश किए गए दलीलों पर मनन करने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद मोहम्मद अहमर को बिना वैध दस्तावेजों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर धारा 3/6 पासपोर्ट अधिनियम तथा धारा 3/14 विदेशियों विषयक अधिनियम में दोषी करार दिया गया।

उसे पासपोर्ट अधिनियम में दो साल के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया व धारा विदेशियों विषयक अधिनियम में भी दो साल के साधारण कारावास एवं 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दडित किया। अगर उसने अर्थदंड नहीं भरा तो उसे दो माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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