श्रीगंगानगर. जुबां पर एक ही बात कि पुलिस चोरों को कब पकड़ेगी और कब मुझे न्याय मिलेगा। पुलिस थाना पास होने के बावजूद चोरी की वारदात करने वाले सरेआम बाहर घूम रहे है पर पुलिस सिर्फ आश्वासन देती है, प्रभावी कार्रवाई नहीं। वार्ड 62 गुरुनानक बस्ती की गली नम्बर एक निवासी विधवा इमरती देवी पत्नी रवि कुमार धाणका के घर पर करीब आठ माह पहले करीब आठ तौले सोने के जेवर और साठ हजार रुपए की नकदी की चोरी हो गई थी। उसके परिवाद पर जवाहरनगर पुलिस ने घटना स्थल को जांचा। चोर सीढियों के दरवाजे को काटकर आए थे और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस बुजुर्ग महिला के परिवाद पर पुलिस ने 13 जुलाई 22 को अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज भी किया। लेकिन चोरों के बारे में सुराग नहीं मिला। पुलिस थाने में हर सप्ताह इसी उम्मीद के साथ जाती है तो उसका चोरी हुआ सामान वापस तो मिलेगा लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा। इस वृद्धा का कहना है कि जिस रात को चोरी हुई वह अपने बेटे बाबूलाल के चक 3 ई छोटी गई हुई थी।
पड़ौसियों की सूचना पर आई तो पूरे घर से कीमती सामान चोरी हो चुका था। उसके बेटी और मंझले बेटे की पत्नी की टूम भी अलमारी में थी जिसे चोर पार कर गए। पत्रिका को इस बुजुर्ग महिला ने बताया कि गुरुनानक बस्ती में नशे के आदी कई युवक है जिनको बस नशे की पूर्ति के लिए पैसे चाहिए। पुलिस का खौफ उनकी बस्ती में नहीं है। सूना घर देखते ही सामान चोरी हो जाता है। कई बार तो आधी रात को दरवाजे पर अज्ञात लोग दस्तक देकर भाग जाते है। चोरों के खौफ से एक रेहड़ी वाले के घर से भी करीब चार तौले सोने के जेवर चोरी हो गए लेकिन उसने तो मामला तक दर्ज नहीं कराया। चोरों का इतना खौफ है कि रात को भी घर से बाहर निकलने में डर लगने लगा है। यहां तक कि किसी के घर पर कोई सदस्य बीमार होता है तो रात को अस्पताल से छुट्टी लेकर आता है ताकि उसका सामान चोरी न हो जाएं। इधर, वार्ड पार्षद किशन चौहान का कहना है कि चोरी की लगातार वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस का खुफिया तंत्र जैसे गायब हो चुका है।