
राजकीय चिकित्सालय में मरीजों की लगी कतारें
श्रीगंगानगर.
राजकीय जिला चिकित्सालय में मंगलवार को तीन दिन के अंतराल के बाद ओपीडी खुली तो रोगियों की कतारें लग गई। रोगियों के दैनिक आगम से करीब पांच सौ रोगी अधिक चिकित्सालय पहुंचे। इसी के अनुपात में जांचों और एक्स-रे की संख्या में भी इजाफा हुआ। इसी प्रकार दवा वितरण केंद्र की खिड़कियों और आसपास के अन्य इलाकों में परेशानी रोगी और उनके परिजन देखे जा सकते थे।
सुबह चिकित्सालय खुलने के निर्धारित समय से पहले ही रोगियों का चिकित्सालय पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक दवा पर्ची की खिड़की पर लोगों की कतार लग चुकी थी। चिकित्सकों के कक्ष के तो हालात ही अलग थे। वहां तो रोगियों को व्यवस्थित करना ही समस्या बना हुआ था। रोगी पहले से ही बीमारी से त्रस्त थे। उस पर लगातार ओपीडी बंद रहना परेशानी बना हुआ था। कई चिकित्सकों के कक्ष के बाहर तो केवल जांच के लिए ही रोगी को अंदर बुलाया जा रहा था। शेष लोग बाहर कतार लगाए रहे, वहीं कई जगह पर एक साथ कई रोगी भी कक्षों में घुसे नजर आए।
चिकित्सक हड़ताल पर, स्थगित करनी पड़ी वीसी
श्रीगंगानगर. अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के आह्वान पर चल रही हड़ताल का असर नजर आने लगा है। चिकित्सक चिकित्सकीय कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन राजकीय शिविर, वीडियो कांफ्रेंसिग, जननी सुरक्षा योजना से जुड़े लिपिकीय जैसे कार्यों का उन्होंने बहिष्कार कर रखा है। इसका सीधा असर ग्रामीण इलाकों के चिकित्सालयों में दिखाई दे रहा है। इनमें वे चिकित्सालय शामिल हैं जहां पहले से ही स्टाफ की कमी है, ऐसे में गैर चिकित्सकीय कार्य के बहिष्कार के निर्णय से लोग परेशान हो रहे हैं।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पवन सैनी ने बताया कि हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग भी स्थगित कर दी। यह वीसी सघन मिशन इंद्रधनुष के बारे में थी, लेकिन चिकित्सकों के बहिष्कार के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। इससे पूर्व चिकित्सकों ने सोमवार को ही घोषणा कर दी थी कि वे अब गैर चिकित्सकीय कार्य का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि रोगियों को परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर रोगियों की जांच में चिकित्सक सहयोग करेंगे, लेकिन इससे इतर किसी भी कार्य से वे दूर रहेंगे।
बढ़ गए रोगी
राजकीय सार्वजनिक जिला चिकित्सालय के उपनियंत्रक डॉ. प्रेम बजाज ने बताया कि तीन दिन के बाद ओपीडी खुलने से रोगी बढ़े थे, ऐसे में ज्यादा परेशानी इन रोगियों को लाइनों में लगवाने की थी। औसतन दैनिक रोगी ओपीडी में 1700 से 1800 तक रहते हैं लेकिन मंगलवार को यह संख्या 2200 के आसपास पहुंच गई। इसके साथ ही 125 से 150 तक एक्सरे भी हुए हैं और जांचें भी करीब डेढ़ हजार के आसपास हुईं।
एक सप्ताह में मिले डेंगू के नौ और मलेरिया के चार रोगी
श्रीगंगानगर. इलाके में इन दिनों मौसमी बीमारियों का जोर हैं। इनमें डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मुख्य है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में पिछले एक सप्ताह के आंकड़े भी जारी किए। इसके अनुसार पिछले एक सप्ताह में डेंगू के नौ रोगी सामने आए हैं। इनमें जिले के गजसिंहपुर का एक रोगी शामिल है, वहीं जिला मुख्यालय के श्याम नगर, मास्टर कॉलोनी, गुलाबी बाग, सेतिया कॉलोनी, वार्ड 45 रविदास नगर, वार्ड 18 सेतिया फार्म, जी ब्लॉक और बापूनगर का एक-एक रोगी शामिल हैं।
इसके साथ ही मलेरिया के भी चार रोगी पिछले सप्ताह में सामने आए हैं। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि पिछले सप्ताह तक मलेरिया रोगियों की संख्या 70 थी जो अब बढ़कर 74 हो गई है। डॉ. सिंगला ने बताया कि सादुलशहर क्षेत्र में करीब छह डेंगू रोगी मिलने की बात सामने आ रही थी, लेकिन इसमें अभी एलाइजा की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मौके पर चिकित्साकर्मियों को इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही इन रोगियों के बारे में साफ तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
Published on:
04 Oct 2017 06:04 am
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