
श्रीगंगानगर.
शहर के मुख्य चौराहों और यातायात के अधिक दबाव वाले प्वाइंटों पर वाहनों से निकलने वाले धुएं से अब यातायात पुलिसकर्मियों को राहत मिलेगी। प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को लेकर पुलिस महानिदेशक ने आदेश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार लंबे समय तक यातायात पुलिसकर्मियों को ऐसे प्वाइंटों पर ड्यूटी कराई जाती है। जहां वाहनों का काफी धुआं और धूल होती है। ऐसे में उनको बीमारी होने का अंदेशा बना रहता है और लंबे समय तक ऐसे स्थान पर रहने वाले पुलिसकर्मियों को बीमारियों से जूझना पड़ता है। इन समस्याओं को देखते हुए उत्तरप्रदेश के एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत दी थी।
इस व्यक्ति ने शिकायत में अवगत कराया था कि यातायात पुलिसकर्मियों को अधिक वायु प्रदूषण के बीच कार्य करना पड़ता है। जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस पर आयोग ने सभी राज्यों को पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखने निर्देश जारी किए थे। इसकी पालना में पिछले दिनों अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीनिवास राव जंगा ने सभी पुलिस अधीक्षकों को यह आदेश जारी किए हैं।
आदेश के तहत अब यह होगा
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने आदेश जारी किए है कि यातायात पुलिसकर्मी को पांच साल से अधिक समय तक यातायात पुलिस में नहीं रखा जाए। यातायात पुलिसकर्मियों को एक ही प्वाइंट पर एक माह से अधिक ड्यूटी नहीं लगाई जाए। जो यातायात पुलिसकर्मी अधिक वायु प्रदूषण वाले प्वाइंट पर तैनात रह चुका हो उसे एक माह फिर से ऐसे अधिक प्रदूषण वाले पाइंट पर नहीं लगाया जाए। यातायात पुलिसकमियों की ड्यूटियां अधिक और कम वायु प्रदूषण वाले पाइंटों पर बदल-बदलकर ड्यूटियां लगाई जाएं,जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ सके। यातायात पुलिसकर्मियों का विशेष एवं अलग से स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए। इसके लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
जयपुर मुख्यालय से यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास आदेश आए हैं। जो यातायात शाखा में आ गए हैं। इसके आधार पर ही पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाना शुरू कर दिया है। जिससे उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।
-कुलदीप चारण, प्रभारी यातायात थाना श्रीगंगानगर।
Published on:
19 Jun 2018 09:30 pm
