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BPL परिवारों के फिरेंगे दिन: हर परिवार पर खर्च होंगे 1 लाख, सबसे पहले राजस्थान के 5000 गांवों में लागू होगी ये योजना

योजना के प्रथम चरण में कम बीपीएल परिवारों वाले 5 हजार गांवों में लागू की जाएगी। इसके लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
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श्री गंगानगर

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Santosh Trivedi

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Updated: 5 Apr 2025, 1:36 PM IST

rajasthan govt

सोहन वर्मा/रायसिंहनगर। राजस्थान सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के अन्तर्गत गांवों को गरीबी मुक्त करने की कवायद शुरू कर दी है। राजस्थान में बीपीएल जनगणना 2002 के अनुसार प्रदेश में लगभग 22 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।

संबंधित परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने के लिए सरकार ने बजट 2025-26 वित्त एवं विनियोग विधेयक चर्चा बिन्दु संख्या 42 के अंतर्गत घोषणा की गई है। जिसके अन्तर्गत चरणबद्ध रूप से चिन्हित गांवों के सभी बीपीएल परिवारों को केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं सहित से जोड़ा जाएगा।

योजना के प्रथम चरण में कम बीपीएल परिवारों वाले 5 हजार गांवों में लागू की जाएगी। इसके लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। यह योजना पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एक अप्रेल से प्रदेश भर में लागू कर दी गई है। अधिकारियों की माने तो जिला कलक्टरों की ओर से गांवों और परिवारों के सर्वे का काम इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : राजस्थान सरकार की इस योजना में हुआ बदलाव, अब 2 बीघा भूमि वाले किसान भी होंगे पात्र

प्रत्येक तीन महीने में लेंगे फीडबैक

योजना का हर तीन महीने में फीडबैक लिया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं से जोड़े गए बीपीएल परिवारों के जीवन में इससे क्या परिवर्तन आया है। इस इम्पेक्ट स्टडी के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि इस परिवार को आगे और किस तरह की जरूरत है और उसे कैसे पूरा किया जा सकता है।

राशि के साथ मिलेगा आत्मनिर्भर परिवार कार्ड

बीपीएल परिवार के लिए तय किए सामजिक और आर्थिक 15 पैरामीटर्स पूरे कर गरीबी रेखा से ऊपर आए परिवारों को सरकार की ओर से आत्मनिर्भर परिवार कार्ड दिया जाएगा और साथ में 21 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। हालांकि इन परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पूर्व की भांति मिलता रहेगा, जिससे इनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

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जानिए क्या-क्या लाभ मिलेंगे

योजना के तहत राजस्थान सरकार चिन्हित गांवों के बीपीएल परिवारों पर एक-एक लाख रुपए खर्च कर उन्हें स्वरोजगार और आजीविका उपार्जन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ेगी।

ऐसे परिवारों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 15 हजार रुपए तक की वर्किंग कैपिटल व प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्का मकान, शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर, बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां सहित 102 योजनाओं से इन परिवारों को प्राथमिकता से जोड़ा जाएगा।