
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया
Praveen Togadia Interview : अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया का कहना है कि हिन्दुओं को तीन संतान उत्पन्न करने की जरूरत है। यदि हिन्दुओं की जनसंख्या कम हुई तो हिन्दुस्तान को बांग्लादेश बनने में देर नहीं लगेगी। वे शनिवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर अपने कार्यकर्ताओं से संवाद करने के बाद राजस्थान पत्रिका से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में अपने एजेंडे को खुलकर साझा किया।
Q. एक समय था तब बच्चे 2 ही काफी, फिर समय बदला तो नारा लगा एक ही काफी दूसरे से माफी, अब आप बोल रहे हो कि तीन बच्चे सबसे अच्छे। ऐसा क्यों।
तोगडिया - जिस गति से हिन्दुओं की जनसंख्या घट रही है वह खतरनाक संकेत है। बांग्लादेश जैसा हाल हो जाएगा। सौ करोड़ हिन्दू अगले बीस साल में 50 करोड़ में सिमट जाएंगे।
Q. जनसंख्या वृद्धि का आपका यह बयान उचित है क्या?
तोगडिया - जनसंख्या कानून सिर्फ हिन्दुओं पर ही क्यों लागू हो रहा है, मुस्लिम पर क्यों नहीं। सरकार और कानून की नजर में सब नागरिक एक है तो मुस्लिमों को किस आधार पर छूट दी गई है। सभी को एक दायरे में लाना चाहिए।
Q. आपने हर मोहल्ले में हर शनिवार को हनुमान चालीसा पाठ की मुहिम चलाई है, इसका मकसद क्या है।
तोगडिया - हर शुक्रवार को मुस्लिम नमाज सामूहिक रूप से नमाज अता करता है। ऐसे में संगठित करने का यह एजेंडा है। उसी तर्ज पर हनुमान चालीसा का पाठ सामूहिक रूप से करेंगे तो किसी को भी बुलाने में या अपने एरिया की समस्या का सामूहिक निराकरण करने में आसानी रहेगी। साथ ही हिन्दुओं में संगठित होने का भाव भी आएगा।
Q. राममंदिर के निर्माण में आपकी अहम भूमिका रही। केन्द्र में भाजपा की सरकार दस साल से है। आपको नहीं लगता है कि जब बारी आई श्रेय की तब आपको आऊट कर दिया गया। ऐसे में आपको अलग से संगठन बनाना पड़ा।
तोगडिया - राममंदिर हमारा मिशन था, हिन्दुओं को जगाने का संकल्प के तौर पर है। किसी फायदे के लिए अपनी डॉक्टरी का पेशा नहीं छोड़ा। जंगल में से एक रास्ता निकाला है जिसका प्लेटफार्म हिन्दुत्व है। हिन्दू एजेंडे को कभी छोड़ नहीं सकता। हर प्रदेश में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। हिन्दूत्व की लहर अब ज्यादा तेज होगी।
Q. इन दिनों वक्फ बोर्ड बिल को लेकर शीर्ष कोर्ट में सुनवाई हो रही है, वहीं उप राष्ट्रपति टिप्पणी कर रहे हैं, क्या यह उचित है।
तोगडिया - देखिए ऐसे विवाद पहले भी आए थे। खासतौर पर भरण-पोषण अधिनियम को लेकर शीर्ष कोर्ट और संसद के बीच कानूनी पहलुओं के संबंध में विवाद बना था। कुछ चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए।
Published on:
20 Apr 2025 02:44 pm
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