
कपास प्रजनक डॉ. आरपी भारद्वाज ने कई किस्में विकसित की, समूचे देश में उनका बड़ा नाम है और आज भी जरूरत के समय याद किया जाता है। इसी तरह कीट वैज्ञानिक डॉ. ओपी वैश्य, स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक (शोध) रहे वरिष्ठ उद्यानविज्ञ डॉ. एमके कौल, डॉ. आरके सिहाग आदि का कार्यकाल यादगार रहा।
ये और इनके साथ के लोग रिटायर हो गए, समय के अनुसार यह सूची बढ़ती जा रही है। इन लोगों को 20 माह से पेन्शन नहीं मिल रही। ऐसा नहीं है कि पहली बार यूं हुआ है, पूर्व में भी अनेक बार पेन्शन के लिए इन्तजार करना पड़ा है।
पेन्शन राशि की गेंद कभी कृषि विश्वविद्यालय के पाले में डाल दी जाती है तो कभी राज्य सरकार के पाले में। परेशान होने वालों में कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कर्मचारी से लेकर प्रोफेसर तक हैं। हरियाणा सहित कई राज्यों में ऐसे कर्मियों को राज्य सरकार नियमित पेन्शन देती है लेकिन बीकानेर विश्वविद्यालय में ऐसा नहीं है। इस बारे में न्यायालय में भी मामला चल रहा है।
पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष बलोर सिंह के अनुसार वरिष्ठ जनों के प्रति सरकार संवेदनशीलता की बात करती है, अपनी तरफ से अतिरिक्त सुविधा देने का समय-समय पर प्रयास भी करती है लेकिन कृषि विश्वविद्यालय के रिटायर कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। समिति के एक सदस्य ने कहा कि उदयपुर कृषि विश्वविद्यालय अपने रिटायरजनों को पेन्शन दे रहा है लेकिन बीकानेर का स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय ऐसा नहीं कर रहा।
पेंशनर्स कल्याण समिति की गुरुवार को इन्दिरा वाटिका में हुई बैठक में एक बुजुर्ग की तो आंखें नम हो गईं, रुंधे गले से बोले कि पेन्शन नहीं मिलने और आय का अन्य जरिया नहीं होने से भारी परेशानी हो रही है। कइयों ने कहा कि किसानों और प्रदेश के लिए उन्होंने पूरे मनोयोग से काम किया, परिणाम भी सभी के सामने है लेकिन अब रिटायर होने के बाद कोई परवाह ही नहीं कर रहा।
एक सदस्य का कहना था कि कई परिवारों में बच्चों, विशेष रूप से बेटियों की शादी करने में दिक्कत आ रही है। मजबूरी के चलते मकान बेचना चाहते हैं लेकिन नोटबंदी के बाद मंदे के चलते यह भी नहीं हो रहा। समिति की बैठक में डॉ. आरपी भारद्वाज, डॉ. ओपी वैश्य, डॉ. एमके कौल, डॉ. आरके सिहाग, सोमपाल सिंह, डॉ. महावीर सिंह, जोगेन्द्रसिंह, उदयवीर सिंह, बनवारीलाल आदि उपस्थित थे।
Published on:
11 Feb 2017 01:56 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
