
सोलहवें दिन भी थमे रहे रोडवेज बसों के पहिए
श्रीगंगानगर.
संयुक्त मोचाज़् के आह्वान पर मंगलवार को सोलहवें दिन भी रोडवेज बसों के पहिए थमे रहे। निगम कमिज़्यों ने मंगलवार को आगार कायाज़्लय के मुख्य गेट पर सभा कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज के पहिए थमे होने से श्रीगंगानगर आगार को दो करोड़ 40 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
संयुक्त मोचाज़् के नेता बूटासिंह ने कहा कि सत्ताइस जुलाई को परिवहन मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते को लागू करने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में यात्री निजी बसों या अन्य वाहनों पर सफर करने को मजबूर हैं। मुख्य बस स्टैंड पर एक पखवाड़ा से सन्नाटा छाया हुआ है। निगम की बसें नहीं चलने से हर कोई परेशान है। संयुक्त मोचाज़् से राज्य सरकार कोई वाताज़् ही नहीं कर रही है।
श्रीगंगानगर आगार कायाज़्लय के बाहर हुई सभा को मोचाज़् के नेता बूटासिंह, जरनैल सिंह, जसविंद्र सिंह, चरण सिंह गिल, मनोज सुथार, जगदीश, मोहन लाल यादव आदि सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित कर राज्य सरकार की जमकर आचोलन की।
यह हैं मांगे
संयुक्त मोचाज़् के जसविंद्र सिंह बुट्टर ने बताया कि रोडवेज में नई भतीज़् करने, सातवां वेतनमान लागू करने, बकाया भुगतान करने और नई बसें खरीदने सहित विभिन्न मांगों को लेकर परिवहन मंत्री से लिखित समझौता हुआ लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया है।
फैक्ट फाइल
-श्रीगंगानगर डिपो से प्रतिदिन 115 बसें 4500 किलोमीटर करती है सफर
- श्रीगंगानगर आगार को 16 दिन में राजस्व का हुआ नुकसान -2 करोड़ 40 लाख
संयुक्त मोचाज़् के आह्वान पर मंगलवार को सोलहवें दिन भी रोडवेज बसों के पहिए थमे रहे। निगम कमिज़्यों ने मंगलवार को आगार कायाज़्लय के मुख्य गेट पर सभा कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज के पहिए थमे होने से श्रीगंगानगर आगार को दो करोड़ 40 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
संयुक्त मोचाज़् के नेता बूटासिंह ने कहा कि सत्ताइस जुलाई को परिवहन मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते को लागू करने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बड़ी संख्या में यात्री निजी बसों या अन्य वाहनों पर सफर करने को मजबूर हैं। मुख्य बस स्टैंड पर एक पखवाड़ा से सन्नाटा छाया हुआ है।
Published on:
02 Oct 2018 07:41 pm
