
Sriganganagar कहीं दीवारें हिली तो कहीं इलैक्ट्राॅनिक्स आइटम खराब
श्रीगंगानगर। कभी जिन्दगी में ऐसा सोचा नहीं था कि एक दिन की बरसात उसकी मेहनत से बनाई दुकानदारी बिखर जाएगी। बाजार एरिया के प्रभावित दुकानदारों के समक्ष यह सवाल बार बार कोस रहा है कि आखिर हमारा कसूर क्या था।
जिन लोगों को नगर परिषद बोर्ड या लोकसभा और विधानसभा में नुमाइंदा बनाकर भिजवाया उन्होंने कान खींचकर पानी निकासी का पुख्ता इंतजाम नहीं कराया और नतीजन एक दिन की बरसात ने सारे अरमान धो डाले। इलाके में करीब पांच दिन पहले इलाके में भारी बरसात के दौरान पानी निकासी के बंदोस्त दुुरस्त होते तो बाजार एरिया के दुकानदारों को करोड़़ों रुपए का नुकसान नहीं होता। इस बरसात के कारण उन दुकानदारों की दुकानों में रखा सामान पानी में खराब हो गया जिनके यहां बेसमेंट में दुकानदारी चल रही थी।
प्रताप मार्केट, पटेल मार्केट और सदर बाजार, स्वामी दयानंद मार्ग सहित बाजार एरिया के प्रभावित दुकानदारों का कहना था कि नगर परिषद की ओर से मुख्य नाले और नालियों की समुचित पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होती तो बरसात से इतना नुकसान बचाया जा सकता था। बाजार से लेकर मोहल्ले की दुकानों तक प्रभावित दुकानदारों के समक्ष उनकी दुकानों में बरसाती पानी से खराब हुए माल की चिंता अब सताने लगी है।
वहीं, स्वामी दयानंद मार्ग से सटी पटेल मार्केट की मुख्य रोड पर ट्रिपल ए कम्प्यूटर्स के नाम से संचालित शोरूम में विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के लैपटॉप, एलईडी, प्रिंटर, की बोर्ड, माउस आदि महंगे आइटम बरसाती पानी में खराब हो गए।
यह शोरूम बेंसमेंट में संचालित हो रहा था, इस कारण बाजार एरिया का पूरा पानी इस बेंसमेंट में लबालब हो गया। दुकानदार राज चुघ का कहना था कि जब वह शोरूम तक पहुंचा तब तक पूरा सामान पानी में भीग चुका था। प्रिंटर, लैपटॉप खराब हो चुके है। कितना आंकलन किया है, इस सवाल को सुनकर शोरूम संचालक के चेहरे पर मायूसी छा गई। उसने बताया कि जिस कम्प्यूटर में पूरे शोरूम का हिसाब किताब था वह भी पानी में खराब हो गया, यह पता नहीं चल रहा है कि कितने का नुकसान हुआ है। एक अंदाजे के अनुसार डेढ़ से दो करोड़ रुपए का सामान इस शोरूम में भरा हुआ था।
पटेल मार्केट में कपड़ों की दुकान रामदेव फ्रैबिक्स में बरसाती पानी इतना घुसा कि उसकी दीवारें भी हिलने लगी। दुकान के दो साइडो में करीब एक से दो इंच का स्पेस हो गया है। इसे अब कारीगरों की मदद से दुरुस्त कराया जा रहा है। यही हाल दुकान के चौबारे का है। दुकान बेसमेंट में संचालित हो रही है, इस कारण पूरी गली का पानी इस दुकान में आ गया। दुकान का फर्श पांव रखते ही आवाज आती है।
संचालक सुरेश ओझा का कहना है कि पानी निकासी के इंतजाम करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की थी लेकिन परिषद प्रशासन ने अभी जिम्मेदारी ढंग से निभाई नहीं। काश, यदि समय रहते नाली और नालियों की समुचित सफाई होती तो पानी दुकान के अंदर घुसने की बजाय अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच जाता।
इधर, सदर बाजार में मिडढा बैग के नाम से बेसमेंट में संचालित इस दुकान में बरसाती पानी ने इतनी तबाही मचाई कि दुकान में रखे महंगे लेडिज बैग खराब हो गए। जब तक दुकानदार और उसके सैल्समैन संभालते तब तक नुकसान का आंकड़ा चार लाख रुपए पार हो चुका था। दुकानदार भूपेन्द्र मिडढा का कहना था कि पानी निकासी के इंतजाम नाकाफी होने के कारण यह नुकसान झेलने को मजबूर हो गए है।
प्रताप मार्केट में जगदीश दी हट्टी नाम की लेडिज सूटों की दुकान पर सामान बिखरा पड़ा हुआ था। बरसाती पानी से खराब हुए लेडिज सूटों को धूप में सुखाया गया तो कईयों को दुकान के एक कोने में ढेर डाल कर रखा गया। दुकानदार विनोद का कहना था कि यह कभी सोचा नहीं था कि बरसाती पानी का कहर उनकी दुकान तक पहुंच जाएगा। प्रताप मार्केट में अधिकांश दुकानों का लेवल नीचा होने के कारण बरसाती पानी दो दो फीट तक पसर गया था।
Published on:
21 Jul 2022 02:21 pm
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