
सुप्रीम कोर्ट ने किया था दो घंटे का समय, लेकिन श्रीगंगानगर में पूरी रात गूंजते रहे धमाके
श्रीगंगानगर। दीपावली पर्व पर आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई गाइड लाइन की पालना जिला मुख्यालय पर देखने को नहीं मिली। दीपावली पर पूरी रात पटाखों के धमाके गूंजते रहे। यह सिलसिला लक्ष्मीपूजन के बाद आतिशबाजी करने की हौड़ सी चल पड़ी।
यहां तक कि बच्चों से लेकर बुजुर्गो ने भी दीपोत्सव पर्व पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पटाखों छोड़े। महंगे होने के बावजूद पटाखों की खरीददारी पर असर नहीं पड़ा। बच्चों की जिदद के कारण कई अभिभावक बेबस नजर आए। बुधवार शाम से शुरू हुई आतिशबाजी का दौर$ गुरुवार सुबह करीब चार बजे तक चला।
गुरुवार सुबह सवा पांच बजे से सात बजे तक गोर्वधन पूजन के दौरान भी यह सिलसिला भी शुरू हो गया। गुरुवार शाम को रामरमी का दौर जैसे ही थमा तो फिर से लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आतिशबाजी करने लगे। शुक्रवार को भैया दूज के उपलक्ष में पटाखें छोड़े गए।
इधर, पुलिस प्रशासन का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गाइड लाइन राज्य सरकार ने जारी नहीं की। इस कारण यह पालना नहीं हो पाई। पुलिस अधिकारियों की माने तो ऐसे आदेश की पालना तभी कराई जाती है जब सरकार अधिसूचना जारी करती है। लेकिन राज्य सरकार ने चुनावी सीजन में दीपावली मना रहे लोगों के रंग में भंग डालने से परहेज किया।
Updated on:
09 Nov 2018 09:46 pm
Published on:
09 Nov 2018 09:46 pm
