
मस्टररोल पर कार्यरत कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
-वेतन बढ़ोतरी की मांग
सूरतगढ़ थर्मल.
सूरतगढ़ सुपर थर्मल परियोजना में मस्टररोल पर कार्यरत सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों ने वेतन बढोतरी की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार किया है। इससे परियोजना में पहुंची कोयले की गाडिय़ां खाली करने का काम प्रभावित हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार सूरतगढ़ तापीय परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट में रेलवे से संबंधित कार्य सहित परियोजना में पहुंचे कोयले के रैक खाली करवाने के कार्य के लिए परियोजना प्रशासन की ओर से मस्टररोल पर नियुक्त करीब चार दर्जन सेवानिवृत रेलवे कर्मचारियो ने शुक्रवार को वेतन वृद्धि की मांग के संबंध में कार्य बहिष्कार कर दिया। इसके कारण परियोजना में पहुंचे कोयले के रैक खाली करने का कार्य प्रभावित हुआ।
लगता है डेमरेज
मिली जानकारी के अनुसार परियोजना में पहुंचने वाले 58 डिब्बो वाले कोयले के रैक खाली करने के लिए रेलवे ने सात घंटे का समय निर्धारित किया है। इसके अधिक समय लगने पर रेलवे की ओर से प्रथम पांच घंटो का 18 हजार रुपये और इसके बाद 36 हजार रुपये प्रति घंटे के हिसाब से डेमरेज वसूला जाता है। जानकारी के अनुसार शक्रवार सुबह पांच बजकर 55 मिनट पर और 11 बजे दो कोयले के रैक परियोजना पहुंच चुके थे। इस लिहाज से हड़ताल के कारण परियोजना को लाखों रुपये का डेमरेज रेलवे को चुकाना पड़ेगा।
एक वर्ष से कर रहे है मांग
सेवानिवृत रेलवे कर्मचारियो के यार्ड मास्टर ओम प्रकाश कांटीवाल ने बताया कि सूरतगढ़ तापीय परियोजना में कार्यरत सेवानिवृत रेलवे कर्मचारियों को प्रदेश की अन्य तापीय परियोजनाओ के मुकाबले 30 से 35 प्रतिशत कम वेतन मिलता है। उन्होंने बताया कि विगत एक वर्ष से वे सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन की मांग कर रहे है। इस संबन्ध में स्थानीय प्रशासन सहित जयपुर मुख्यालय तक कई बार मांग पत्र प्रेषित किया जा चुका हैं, लेकिन एक वर्ष से मात्र आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला है। उन्होंने बताया कि मांगो पर कार्रवाई होने तक काम बंद रहेगा।
निर्धारित संख्या से आधे हैं कर्मचारी
यार्ड मास्टर कांटीवाल ने बताया कि परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट में कोल रैक खाली करने सहित रेलवे से संबंधित अन्य कार्यो के लिए लोको पायलट, सीएमडब्ल्यू, एसपीएचएम, यार्ड मास्टर आदि के 89 पद स्वीकृत हैं, लेकिन परियोजना प्रशासन के कम वेतन देने के कारण मात्र 49 सेवानिवृत रेलवे कर्मचारी ही परियोजना में कार्यरत है। जिसके चलते कर्मचारियों को डबल ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके कारण हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से न तो छुट्टी दी जाती है न ही निर्धारित वेतन।
मिलना चाहिए पूरा वेतन-
सूरतगढ़ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने सेवानिवृत रेलवे कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा है कि पिछले एक साल से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे इन कर्मचारियों को अन्य परियोजनाओं के मुकाबले कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय अनदेखी के कारण परियोजना को लाखों रुपये का डेमरेज रेलवे को देना पड़ा है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से इसकी वसूली होनी चाहिए।
जयपुर भिजवाया गया है मामला
परियोजना में कार्यरत सेवानिवृत हड़ताली कर्मचारियों को समझाने के प्रयास चल रहे है। वेतन बढोतरी के लिए फाइल जयपुर मुख्यालय भेजी है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक माह में एक बार ही होने कारण हड़ताली कर्मचारियों से एक माह का समय मांगा गया है। विधानसभा चुनाव के कारण पिछली बैठक हो नही पाई थी। हड़ताल के संबंध में जयपुर मुख्यालय सूचना प्रेषित की जा चुकी है।
बीएल वर्मा,
अधीक्षण अभियंता,
कोल हैंडलिंग प्लांट,
सूरतगढ़ सुपर थर्मल
Updated on:
04 Jan 2019 03:50 pm
Published on:
04 Jan 2019 03:50 pm
