
protest of children
पदमपुर.
राजकीय माध्यमिक विद्यालय 19 बीबी में प्रधानाध्यापिका और स्टाफ के विवाद में सोमवार को बच्चों ने स्कूल के बाहर धरना लगा दिया। वहीं, अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय स्टाफ के पक्ष में आ गए। हंगामा बढ़ता देख तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी मामले की जांच करने पहुंचे। दोपहर बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट निदेशक को भेजने और उसे 5 दिन के अवकाश पर भेजने के बाद ग्रामीण शांत हुए।
मामले के अनुसार सोमवार सुबह प्रधानाध्यापिका को एपीओ करने की मांग को लेकर बच्चों के साथ ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर धरना लगा दिया। स्टाफ के समर्थन में आये शिक्षा विकास समिति अध्यक्ष कृष्ण लाल, राम निवास, राकेश, आसाराम, सुभाष बिश्नोई सहित अनेक ग्रामीणों का कहना था कि प्रधानाध्यापिका और स्टाफ के रोजमर्रा के झगड़े से बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। वहीं इसी मामले में विद्यालय स्टाफ कर्मजीत, चन्द्रकला, विनीता शर्मा, सुनीता रानी इत्यादि का कहना है कि 8 अगस्त को स्टाफ द्वारा उनके पति की शिकायत पुलिस को दी गई तो पुलिस ने उसके पति को स्कूल में न जाने के लिए पाबंद कर दिया। तब से प्रधानाध्यापिका स्टाफ से नाराज है।
मामले में पदमपुर तहसीलदार सुमन शर्मा ने ग्रामीणों, बच्चों और स्टाफ के अलग-अलग बयान लेकर मामले को उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करने की बात कही लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
दोपहर स्कूल पहुंचे डीईओ संत राम को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। मौके पर डीईओ ने मोहला स्कूल को बंद कराने और पीईओ कार्यालय आबादी स्कूल में चलाने के लिखित आदेश दिए।
लेट आता था स्टाफ
वहीं, प्रधानाध्यापिका अमिता बिश्नोई से बात की तो उनका कहना है कि मामले के राजनैतिक द्वेष के कारण ग्रामीणों को भड़काया गया है। विद्यालय स्टाफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्टाफ लेट आता था। जब मैंने नियमानुसार उनकी अनुपस्तिथि लगवान शुरू कर दिया तो स्टाफ उनके खिलाफ हो गया।
Published on:
11 Sept 2017 10:06 pm
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