
सूरतगढ़.क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं की ओर से रामलीलाओं का मंचन जारी है। इसमें कलाकार अभिनय से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। दर्शक भी रामलीलाओं को देखने में जुट रहे हैं। श्रीबालाजी रामलीला हनुमान खेजड़ी मंदिर के पास रामलीला के मंच पर पांचवीं रात्रि को राम भरत मिलान का दृश्य दिखाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की आरती विधायक डूंगरराम गेदर, परसराम भाटिया, विनोद, सोनू, चेतराम स्वामी, रामादेवी, रामेश्वरलाल, गणेश शर्मा आदि ने विधिवत रूप से की। समिति की ओर से अतिथियों को सम्मानित किया गया। जगदंबा रामलीला क्लब की पांचवी रात्रि का शुभारंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की आरती केमिस्ट संगठन अध्यक्ष अनिल सारस्वत एवं मनन कला केंद्र के अध्यक्ष मोहम्मद अली कादरी,राजेश पारीक, दिलीप,हजारीलाल प्रजापत,लवली गाबा, प्रदीप शर्मा एवं विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री किशन राव द्वारा की गई। रामलीलाल में राजा गुह व केवट द्वारा नदी पार कराना एक भरत मिलाप के दृश्य बेहतरीन तैयारी के साथ दिखाए गए। राजा गुह, अशोक पंचवना केवट राजू जग्गा, भरत संजय दगल, शत्रुघ्न की भूमिका संजय वर्मा ने निभाई। वही, क्लब संरक्षक सुभाष नरुला, अध्यक्ष महेंद्र नागर, कोषाध्यक्ष गोपी राम दंगल, उपाध्यक्ष रोहिताश होटला, संगठन मंत्री सोनू मोगा की देखरेख में दशहरे उत्सव की तैयारी जारी है।
बाली सुग्रीव युद्ध व हनुमानजी का लंका कूच का हुआ मंचन
राष्ट्रीय उत्थान रामलीला प्रबंध समिति द्वारा रामलीला मंचन के दसवें दिवस रामलीला मंच पर राम द्वारा शबरी से मिलना एवं शबरी के प्रेम भाव के झूठे फल खाना ,भगवान हनुमान की आरती रवि शंकर देरासरी द्वारा की गई। राम हनुमान मिलन का मार्मिक दृश्य, राम की सुग्रीव से मित्रता होना, सुग्रीव बाली का घमासान युद्ध,श्रीराम द्वारा बाली का वध करना, सुग्रीव का पम्पापुर में राजतिलक एवं हनुमान का लंका को कूच आदि दृश्यों का मंचन किया गया। अध्यक्ष पवन ओझा ने बताया कि लीला मंचन में सर्व प्रथम प्रार्थना कर भगवान राम, सीता, लक्ष्मण की आरती की गई। लीला में राम-लक्ष्मण का अभिनय, राजीव, विजेंद्र देरासरी,बाली कालू सोनगरा, हनुमान राजकुमार सिंवाल, सुग्रीव योगेश स्वामी, तारा मती साहिल सोनगरा ,शबरी विवेक देरासरी, साधु तन्मय आदि ने किया।
रामलीला मंचन में हुआ राम-भरत मिलाप
राजियासर.कस्बे में चल रही रामलीला के अंतर्गत शुक्रवार रात्रि को भव्य मंचन का आयोजन किया गया। इस दौरान रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिन्हें देखकर उपस्थित दर्शक रोमांचित हो उठे। मंचन की शुरुआत केवट प्रसंग से हुई। श्रीरामए लक्ष्मण और सीता जी केवट से गंगा पार कराने का आग्रह करते हैं। केवट अपनी अनोखी भक्ति और श्रद्धा से प्रभु के चरण धोकर ही उन्हें नाव में बैठाता है। शूर्पणखा प्रकरण का मंचन हुआ। रावण की बहन शूर्पणखा द्वारा राम और लक्ष्मण को रिझाने के प्रयास तथा अंतत: लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटने के दृश्य को हास्य और गंभीरता के साथ मंचित किया गया।राम भरत मिलाप नंदिग्राम में भरत और श्रीराम के बीच हुए भावनात्मक मिलन ने समूचे वातावरण को भावुक कर दिया। मंचन के दौरान जब भरत ने राम के चरण पकडक़र राज्य स्वीकारने से इंकार किया और श्रीराम ने उन्हें भाईचारे और धर्म के मार्ग पर प्रेरित किया, तब उपस्थित श्रद्धालु भावविह्वल हो उठे। बालाजी रामलीला समिति के सदस्य गौरव लखोटिया ने बताया कि आने वाले दिनों में सीता-हरण और जटायु युद्ध जैसे रोचक प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। कलाकारों में करण सचिन विष्णु गणेश सोनू नादर प्रेम साहिल खंडेलवाल रोहित संदीप आदि ने मंचन में सहयोग प्रदान किया।
Updated on:
28 Sept 2025 12:30 pm
Published on:
28 Sept 2025 12:30 pm
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