
श्रीगंगानगर.
जवाहरनगर सेक्टर दो में पूर्व विधायक सुरेन्द्र राठौड़ का पार्थिव शरीर जयपुर से रविवार रात 10 बजकर आठ मिनट पर पहुंचा। उनके पुराने समर्थक अपने नेता को देखने के लिए उमड़ पड़े। सब की नजरें उस शख्सियत को ढूंढ रही थी जो इस दुनिया से जा चुका था। तीन वाहनों का काफिला जैसा जयपुर से आया तो पहले से घर के भीतर और बाहर खड़े परिजन और समर्थकों के आंसू बहने लगे। कोई फफक कर रो रहा था तो कोई किसी को ढांढस बंधा रहा था।
इस मौके पर बीकानेर ग्रामीण क्षेत्र कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेन्द्र सिंह, अरोड़वंश समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष कपिल असीजा, सोनी समाज के पूर्व अध्यक्ष रणवीर सोनी, वाल्मीकि समाज के हरबंस वाल्मीकि, नगर परिषद के पूर्व उपसभापति पुनीत शर्मा, पूर्व सरपंच संतवीर सिंह, सोनू यादव, छोटू ढाका आदि मौजूद थे। राठौड़ भाजपा से विधायक रह चुके हैं लेकिन उनके आवास पर एक भी भाजपाई नजर नहीं आया। पदमपुर रोड स्थित कल्याण भूमि सोमवार सुबह 11 बजे राठौड़ का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
युवाओं के 'रॉल मॉडल', गरीबों के 'मसीहा
अपनी जुबान से साफ व स्पष्ट कहने का फायदा राठौड़ को खूब मिला। कोई भी सरकारी महकमा हो, जहां अधिकारी या कर्मचारी जरुरतमंद का काम नहीं कर रहा था तो राठौड़ तत्काल वहां हाजिर हो जाते। अधिकारी के मुंह पर वही बात करते जो अममून जनप्रतिनिधि कुछ कहने से परहेज करते हैं। मुखर और प्रखर जुबान के धनी इस जनप्रतिनिधि को इलाके में युवा पीढ़ी अपना रॉल मॉडल मानने लगी। वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक दस साल तक अपनी सफेद रंग की जिप्सी पर एक ही नाम लिखा था 'नाम ही काफी है.....सुरेन्द्र सिंह । इस जिप्सी को देखकर कई युवाअेां ने राजस्थान का एक ही सिंह सुरेन्द्र सिंह सुरेन्द्र सिंह का नारा अपनी टी शर्ट और वाहनों पर लिखना शुरू कर दिया था। युवाओं की दिलों की धड़कन कहे जाने वाली जुबान अब खामोश हो गई है।
Updated on:
15 Jan 2018 09:33 am
Published on:
15 Jan 2018 09:18 am
