
healthcare in suratgarh
सूरतगढ़. राज्य सरकार की ओर से चिन्हित कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में संचालित कुपोषित उपचार केन्द्र (एमटीसी केन्द्र) चिकित्सक के अभाव में बंद हो गया है। एमटीसी केन्द्र का प्रभारी एक पखवाड़े के लिए अवकाश पर चले गए हैं। लेकिन अभी तक चिकित्सालय प्रशासन ने किसी अन्य चिकित्सक को कार्यभार नहीं सौंपा है। ऐसे में कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए मजबूरन जिला मुख्यालय की ओर रूख करना पड़ रहा है। इसमें अबतक करीब ६१ कुपोषित बच्चे इस स्वास्थ्य सेवाओं का फायदा उठा चुके हैं।
इस वर्ष १६ सितम्बर के बाद एक भी बच्चा एमटीसी केन्द्र में भर्ती नहीं हुआ। जबकि केन्द्र प्रभारी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.मदन पारीक सोमवार व मंगलवार को अवकाश पर रहने के बाद पन्द्रह दिन की ओर छुट्टी पर चले गए। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में चिकित्सालय प्रशासन ने अन्य किसी चिकित्सक को केन्द्र के कामकाज का जिम्मा नहीं दिया है। इस वजह से एमटीसी केन्द्र पर ताला लगने की नौबत आ गई है। एमटीसी केन्द्र में एक बच्चे के साथ आने वाली मां को पूर्व में 165 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मिलते थे। लेकिन राज्य सरकार ने इस प्रावधान में दो माह पूर्व बदलाव किया है। इसके तहत अब मात्र एक सौ रुपए ही मिल रहे हैं।
यह है केन्द्र की स्थिति
एमटीसी केन्द्र में एक चिकित्सक, दो नर्सिग कर्मचारी, एक केयर काउंसलर व एक कुक कम केयर का पद स्वीकृत है। यहा प्रतिदिन बच्चे के स्वास्थ्य का परीक्षण होता है। कुपोषण मुक्त करने के लिए बच्चे को निर्धारित डाइट के हिसाब से पोष्टिक भोजन करवाया जाता है। एमटीसी केन्द्र में पोष्टिक भोजन के लिए रसोई भी बनाई जा चुकी है। केन्द्र के आंकड़ो पर नजर डाले तो इस वर्ष जनवरी में१, फरवरी में ३, मार्च में ३, अप्रेल में २, मई में ४, जून में २, जुलाई में १, अगस्त में २ व सितम्बर माह में एक कुपोषित बच्चे का इलाज किया गया।
प्रचार प्रसार में भी पिछड़ा
क्षेत्र में ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामीण स्तर पर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए खुल एमटीसी केन्द्र के बारे में प्रचार प्रसार नहीं किया जा रहा है। इस वजह से गांवों में कुपोषित बच्चों का इलाज समय पर नहीं हो रहा है। अगर समय पर इलाज मिले तो उन्हें ठीक किया जा सकता है। ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय समय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठके आयोजित की जाती है। इस बारे में आशाओं को पाबंद भी किया जा चुका है। लेकिन अधिकांश कुपोषित बच्चों के अभिभावक इस चिकित्सा सुविधा से अनजान है।
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करवाया है अवगत
एमटीसी केन्द्र में कार्यरत चिकित्सक लम्बे अवकाश पर गए हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। एमटीसी केन्द्र में अन्य चिकित्सक को वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में लगाएंगे।- डॉ.दर्शन सिंह राजपाल, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सूरतगढ़
Published on:
30 Sept 2017 12:44 pm
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