
malmas start from 15 December
श्रीगंगानगर. मलमास चार दिन बाद यानि 15 दिसम्बर से शुरू होगा, वैसे तो इस मास में शुभ कार्य नहीं होना सर्वविदित है, लेकिन इस बार हालात यह हैं कि मलमास खत्म होने के बाद भी करीब सत्रह दिन तक शुभ कार्य नहीं होंगे, और इसका कारण रहेगा शुक्र का अस्त होना। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य अंजाम नहीं दिया जा सकेगा। जन्म और संकल्पित शुभ कार्यों के अलावा अन्य कार्य इस दौरान करना वर्जित होगा।
ग्यारह से शुक्र हुआ अस्त
धार्मिक मामलों के जानकार पंडित शिवदयाल शास्त्री के अनुसार भले ही मलमास पंद्रह जनवरी से शुरू होगा, लेकिन 11 दिसम्बर को ही शुक्र अस्त हो जाने के कारण शुभ कार्यों का निषेध रहेगा। इसके बाद शुक्र अस्त रहने के दौरान ही पंद्रह दिसम्बर का मलमास शुरू हो जाएगा तथा मलमास और शुक्र अस्त होने की तिथियां भी एक साथ चलेंगी। ऐसे में शुभ कार्य करवाने का औचित्य ही नहीं है। इसके बाद 14 जनवरी को मलमास तो समाप्त हो जाएगा, लेकिन इसके बावजूद शुभ कार्य नहीं होंगे। चौदह जनवरी के बाद भी शुक्र अस्त ही रहेगा और करीब अठारह दिन इसके बाद भी शहनाई नहीं बज पाएगी। शुक्र उदय तीन फरवरी को होगा और इसी दिन शुभ कार्य शुरू होंगे।
हो सकेंगे संकल्पित शुभ कार्य
पंडित शिवदयाल शास्त्री के अनुसार इस दौरान सभी प्रकार के शुभ कार्य भले ही वे विवाह आदि मंगल कार्य हों अथवा यज्ञ आदि अनुष्ठान से संबंधित कार्य जिनका उद्देश्य यथेष्ठ परिणाम की इच्छा प्राप्त करना हो, नहीं हो पाएगा। यदि किसी ने पूर्व में ही कोई संकल्प ले लिया हो और संबंधित कार्य की पूर्णता का समय इसी समय आ रहा हो तो फिर यह कार्य इस दौरान हो सकता है।
Published on:
12 Dec 2017 11:51 am
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