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श्रीगंगानगर. क्षेत्र में खरीफ की मुख्य फसल नरमा और कपास की नई धानमंडी में आवक शुरू होने के साथ ही तोल से संबंधित समस्याओं से किसानों को दो चार होना पड़ रहा है। नई धानमंडी में किसानों द्वारा लाया जा रहा नरमा और कपास की बोली होने के बाद व्यापारी उन्हें 12 किलोमीटर दूर रीको स्थित फेक्ट्री तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं साथ ही फे क्ट्री के बाहर लगे कांटे पर होने वाली तुलाई भी किसान को देनी पड़ रही है। इसके बाद प्रति क्विंटल एक किलो की घटौती भी व्यापारी नरमा कपास में कर रहे हैं। ऐसे में कर्ज में डूबे गुस्साए किसान कृषि उपज मंडी समिति अनाज कार्यालय में आए और अधिकारी के सामने समस्या रखी।
यहां सचिव जयपुर में किसी बैठक के लिए गए हुए थे। सहायक सचिव ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनको विश्वास दिलाया कि वे व्यापारियों के साथ बैठक कर उनको पाबंद करेंगे कि कांटे पर ट्रॉली तुलने के बाद किसी तरह की कटौती नहीं करने देंगे। गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू ने बताया कि किसान द्वारा कृषि जिंस बाजार में लाने के बाद उसका कोई खर्च नहीं होना चाहिए। अगर किसानों से खर्चा लिया जाएगा तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सहायक सचिव के घेराव के दौरान गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीत सिंह राजू, 19 जेड के मंगल सिंह, गुरदीप सिंह गिल, गैलेक्सी बराड़, रघुवीर मान, शोभासिंहवाला के बलराज सिंह बराड़, छह ए के दलराज सिंह, ढि़ंगावाली के हरजिंद्र मान, शिवइंद्र सिंह, 11 जी के बब्बू, बोहड़ सिंह, छह एच के लाभसिंह, तीन बी के गुरजीत सिंह धामी, गुरप्रीत सिंह, सोहन सिंह, कुलदीप सिंह आदि साथ थे। जीकेएस के संयोजक ने बताया कि धानमंडी से रीको अपने वाहन से जिंस पहुंचाने का खर्चा बारह सौ रुपए, तुलाई 60 से 80 रुपए, अनलोडिंग के लिए दो मजदूर 800 रुपए और 30 क्विंटल में 30 किलो कटौती करीब 1500 रुपए ऐसे में किसान को करीब 3500 रुपए अपनी एक ट्रॉली नरमा या कपास को बेचने में लग जाता है। जो कि पूरी तरह से नाजायज है और हम इसका विरोध करते हैं।
Published on:
04 Oct 2017 02:51 pm
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