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भटके 11 साल… आखिर, 11 दिन में मिली ‘खुशियों’ की राह

कस्बे के वार्ड 23 वेयर हाउस कॉलोनी में मंगलवार का दिन खुशियां लेकर आया। वहां एक रास्ता खुलवाने के लिए लोग करीब 11 साल से उपखंड व नगरपालिका प्रशासन के साथ राजनीतिज्ञों के चक्कर लगा रहे थे लेकिन 11 दिन पहले प्रकाश पर्व पर ऐसी बात हुई कि यह रास्ता आखिर खुल गया।

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Spent 11 years to get the wall removed... finally found the path to 'happiness' in 11 days

श्रीकरणपुर. वार्ड-23 वेयरहाउस कॉलोनी में दीवार हटने पर खुशी जताते मोहल्लावासी।

श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). कस्बे के वार्ड 23 वेयर हाउस कॉलोनी में मंगलवार का दिन खुशियां लेकर आया। वहां एक रास्ता खुलवाने के लिए लोग करीब 11 साल से उपखंड व नगरपालिका प्रशासन के साथ राजनीतिज्ञों के चक्कर लगा रहे थे लेकिन 11 दिन पहले प्रकाश पर्व पर ऐसी बात हुई कि यह रास्ता आखिर खुल गया। यही नहीं, रास्ते के लिए खरीदी गई यह भूमि लोगों ने नगरपालिका को देने की घोषणा की है।
जानकारी अनुसार वार्ड 23 (पुराना वार्ड 17) में शहीद भगत सिंह पुस्तकालय के निकट आदर्श कॉलोनी को जाने के लिए करीब 30 साल से आम रास्ता था लेकिन 11 साल पहले इसे निजी भूखंड बताते हुए बंद कर दिया गया। नगरपालिका प्रशासन का कहना था कि यह भूखंड किसी की निजी संपत्ति है। इधर, लोगों का कहना था कि यह आम रास्ता है जिसे अवैध रूप से बंद किया गया है। प्रकरण को लेकर इस कॉलोनी के बाशिंदे लखविन्द्र सिंह के नेतृत्व में नागरिकों ने नगरपालिका, उपखंड के अलावा जिला प्रशासन को भी इस संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री तक भी बात पहुंचाई लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

दर्द में पत्रिका बना हमदर्द

शहीद भगत ङ्क्षसह पुस्तकालय के आगे प्लॉट नंबर 170 से 173 के निकट आदर्श कॉलोनी को जाने वाले बंद रास्ते को लेकर बीते पांच साल में लोगों ने कई बार उपखंड व नगरपालिका व उपखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। लोगों के दर्द को समझते हुए राजस्थान पत्रिका ने भी हर बार इसे अच्छे ढंग से प्रकाशित किया। कई बार प्रशासन ने इस पर कार्रवाई के लिए कदम भी बढ़ाए लेकिन भूखंड के निजी मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज होने पर बात अटक गई। प्रकरण हल होने पर लोगों ने राजस्थान पत्रिका का भी आभार जताया।