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श्रीगंगानगर।
रबी की प्रमुख फसल गेहूं के उत्पादकों को सरकार को माल देने के लिए मूंग की तरह पंजीयन करवाना होगा। यह काम ई-मित्र पर होगा, पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज साथ देने होंगे।इधर, गेहूं की सरकारी खरीद का जिलावार लक्ष्य तय होने के साथ ही इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। इस सीजन में श्रीगंगानगर जिले के लिए 4.75 लाख मैट्रिक टन तथा हनुमानगढ़ जिले के लिए 5.50 लाख मैट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गत बार की तुलना में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 110 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1735 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है।
भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्र प्रबंधक प्रिन्स हेमराज वर्मा ने खरीद संबंधी तैयारियों का ब्यौरा लेने के बाद कई निर्देश दिए हैं। निगम के अनुसार उसके पास बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। हनुमानगढ़ जंक्शन में इसके दौ रैक और पहुंच गए हैं। इलाके के गोदामों में पड़ा गेहूं राज्य में दूसरी जगह जा रहा है, इस कारण भण्डारण के लिए जगह भी साथ की साथ हो रही है।
पिछली बार श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले में गेहूं की सरकारी खरीद भारतीय खाद्य निगम ने 24, तिलम संघ ने 17, राजफैड ने 11 एवं नैफेड ने एक केंद्र पर की थी।इस बार कितने केंद्र रहेंगे और कौन-कौनसी एजेंसियों के रहेंगे, शीघ्र ही तय हो जाएगा। श्रीगंगानगर जिले में चालू रबी में 2 लाख 48 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है।
किया जाएगा जागरूक
भारतीय खाद्य निगम गेहूं की सरकारी खरीद के संबंध में किसानों को जागरूक करेगा, इसके लिए शीघ्र ही अभियान शुरू किया जाएगा। खरीद कार्य से जुड़े गुणवत्ता निरीक्षकों को प्रशिक्षण देने का क्रम भी जल्दी प्रारम्भ किया जाएगा। निगम की कोशिश है कि गुणवत्ता का एवं सूखा गेहूं ही खरीद केंद्रों पर आए जिससे कि आगे किसी को कोई असुविधा नहीं हो।
'सरकारी खरीद की तैयारियां चल रही है। निगम की कोशिश रहेगी कि सभी के सहयोग से सारा काम व्यवस्थित एवं निर्बाद्ध हो
-प्रिन्स हेमराज वर्मा क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम
Published on:
10 Feb 2018 09:12 pm
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