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SriGanganagar बारिश आई तो मची खलबली, प्रभावित इलाके में बढ़ी चिंता

When the rain came, there was panic, concern increased in the affected area- पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम नाकाफी, प्रशासन ने किया अलर्ट

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SriGanganagar बारिश आई तो मची खलबली, प्रभावित इलाके में बढ़ी चिंता

SriGanganagar बारिश आई तो मची खलबली, प्रभावित इलाके में बढ़ी चिंता

श्रीगंगानगर। इलाके में शनिवार सुबह दस बजे से ग्यारह बजे आई बरसात से एकाएक खलबली मच गई। पिछले सप्ताह हुई भारी बरसात के पानी की निकासी अभी तक हुई नहीं थी कि शनिवार सुबह बरसात ने कोढ में खाज वाला काम कर दिया। नाले और नालियों ओवरफ़्लो हो चुके है। गुरुनानक बस्ती और पुरानी आबादी के कई वार्डो में लोगों के मकान गिरने की कगार पर है तो कईयों के मकान गिर भी चुके है। काफी लोगों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर पनाह ली हुई है। इधर, जिला प्रशासन ने नगर परिषद और यूआईटी को अलर्ट कर दिया है। पानी निकासी के इंतजाम तेज किए गए है।
इलाके में बरसाती पानी की निकासी के लिए स्थायी समाधान ड्रैनेज सिस्टम बनाने का सपना अधूरा रह गया है। एक सप्ताह पहले हुई अतिवृष्टि से पानी निकासी के इंतजाम फेल हुए तो जिला प्रशासन और नगर परिषद को सेना की मदद लेनी पड़ी। ऐसी ही िस्थति आठ साल पहले वर्ष 2014 में भी हुई, तब जिला प्रशासन और नगर परिषद के हाथ खड़े होने पर सेना ने मोर्चा संभाला था। बरसाती पानी निकासी के लिए दो बार सेना शहर को बचाने के लिए आ चुकी है। इसके बावजूद जिला प्रशासन, नगर परिषद और यूआईटी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। इलाके के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने शहर में पानी निकासी के लिए कोरी बातें की, इसका परिणाम यह रहा कि अब तक ड्रैनेज सिस्टम बनना तो दूर उसकी डीपीआर तक नहीं बन पाई है। गंदे पानी की निकासी के लिए एसटीपी का निर्माण हो चुका है लेकिन अभी तक शहर में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। इस कारण वैकल्पिक व्यवस्थाओं से शहर को जूझना पड़ रहा है। हालांकि दस साल पहले जनसहभागिता में ड्रैनेज सिस्टम बनाने के लिए एक दानदाता ने दस करोड़ रुपए की राशि नगर परिषद को सुपुर्द की थी। लेकिन निर्धारित समय में वर्षा जल निकासी योजना नहीं बनाने पर दानदाता को यह राशि वापस लौटानी पड़ी थी।
इलाके में पिछले सप्ताह आई भारी बरसात के दौरान पानी निकासी के बंदोस्त दुुरस्त होते तो बाजार एरिया के दुकानदारों को करोड़़ों रुपए का नुकसान नहीं होता। इस बरसात के कारण उन दुकानदारों की दुकानों में रखा सामान पानी में खराब हो गया जिनके यहां बेसमेंट में दुकानदारी चल रही थी। प्रताप मार्केट, पटेल मार्केट और सदर बाजार, स्वामी दयानंद मार्ग सहित बाजार एरिया के प्रभावित दुकानदारों का कहना था कि नगर परिषद की ओर से मुख्य नाले और नालियों की समुचित पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होती तो बरसात से इतना नुकसान बचाया जा सकता था। बाजार से लेकर मोहल्ले की दुकानों तक प्रभावित दुकानदारों के समक्ष उनकी दुकानों में बरसाती पानी से खराब हुए माल की चिंता अब सताने लगी है।
पटेल मार्केट की मुख्य रोड पर कम्प्यूटर्स के नाम से संचालित शोरूम में विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के लैपटॉप, एलईडी, प्रिंटर, की बोर्ड, माउस आदि महंगे आइटम बरसाती पानी में खराब हो गए। यह शोरूम बेंसमेंट में संचालित हो रहा था, इस कारण बाजार एरिया का पूरा पानी इस बेंसमेंट में लबालब हो गया। दुकानदार राज चुघ का कहना था कि जब वह शोरूम तक पहुंचा तब तक पूरा सामान पानी में भीग चुका था। प्रिंटर, लैपटॉप खराब हो चुके है। उसने बताया कि जिस कम्प्यूटर में पूरे शोरूम का हिसाब किताब था वह भी पानी में खराब हो गया, यह पता नहीं चल रहा है कि कितने का नुकसान हुआ है। एक अंदाजे के अनुसार डेढ़ से दो करोड़ रुपए का सामान इस शोरूम में भरा हुआ था।
इसी तरह पटेल मार्केट में कपड़ों की दुकान रामदेव फ्रैबिक्स में बरसाती पानी इतना घुसा कि उसकी दीवारें भी हिलने लगी। दुकान के दो साइडो में करीब एक से दो इंच का स्पेस हो गया है। इसे अब कारीगरों की मदद से दुरुस्त कराया जा रहा है। यही हाल दुकान के चौबारे का है। दुकान बेसमेंट में संचालित हो रही है, इस कारण पूरी गली का पानी इस दुकान में आ गया। दुकान का फर्श पांव रखते ही आवाज आती है। संचालक सुरेश ओझा का कहना है कि पानी निकासी के इंतजाम करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की थी लेकिन परिषद प्रशासन ने अभी जिम्मेदारी ढंग से निभाई नहीं। काश, यदि समय रहते नाली और नालियों की समुचित सफाई होती तो पानी दुकान के अंदर घुसने की बजाय अपने गंतव्य स्थल तक पहुंच जाता।
वहीं सदर बाजार में मिडढा बैग के नाम से बेसमेंट में संचालित इस दुकान में बरसाती पानी ने इतनी तबाही मचाई कि दुकान में रखे महंगे लेडिज बैग खराब हो गए। जब तक दुकानदार और उसके सैल्समैन संभालते तब तक नुकसान का आंकड़ा चार लाख रुपए पार हो चुका था। दुकानदार भूपेन्द्र मिडढा का कहना था कि पानी निकासी के इंतजाम नाकाफी होने के कारण यह नुकसान झेलने को मजबूर हो गए है।
प्रताप मार्केट में जगदीश दी हट्टी नाम की लेडिज सूटों की दुकान पर सामान बिखरा पड़ा हुआ था। बरसाती पानी से खराब हुए लेडिज सूटों को धूप में सुखाया गया तो कईयों को दुकान के एक कोने में ढेर डाल कर रखा गया। दुकानदार विनोद का कहना था कि यह कभी सोचा नहीं था कि बरसाती पानी का कहर उनकी दुकान तक पहुंच जाएगा।


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