
पुलिस ने टैंट उखाड़ा तो सडक़ पर लेट गई महिलाएं
पुलिस ने टैंट उखाड़ा तो सडक़ पर लेट गई महिलाएं
-मुख्यमंत्री दौरे को लेकर आंदोलन कुचलने के प्रयास का आरोप
श्रीगंगानगर. मानदेय बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिका व आशा और साथिनों ने बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी महिलाएं घंटाभर सडक़ पर लेटी ही रही। जिससे मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी हतप्रभ रह गए। वहां से खदेड़ा तो देर रात कलक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू कर दिया।
श्रीगंगानगर जिले में गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दौरा है। विभिन्न मांगों को लेकर नौ दिन से आंदोलनरत महिलाओं ने बुधवार रात साढ़े आठ बजे कलक्ट्रेट के बाहर टैंट लगाना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी सौरभ स्वामी और कोतवाली प्रभारी हनुमाना राम ने कार्यकर्ताओं का टैंट उखाड़ दिया। यूनियन की जिलाध्यक्ष स्वामी ने कहा पुलिस व प्रशासन ने टैंट लगाने की पहले तो अनुमति नहीं दी और सर्दी से बचाव के लिए टैंट लगाया तो पुलिस ने आकर पहले तो धमकाया और फिर टैंट उखाड़ दिया। जब कार्यकर्ताओं ने वीडियो बनाकर लाइव किया तो पुलिस कार्मिक पीछे हट गए।
केंद्र सरकार ने मानदेय में इजाफा कर दिया लेकिन इसे लागू नहीं करने से खफा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को दिन-रात का धरना और बेमियादी अनशन शुरू किया है। आशा सहयोगिन 26 फरवरी से कलक्ट्रेट पर धरना दे रही है।
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प्रशासन नहीं सुन रहा है बात----इस मौके पर संघ की जिलाध्यक्ष सीता स्वामी ने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार से बार-बार कार्मिकों के वेतन में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है लेकिन दोनों ही सरकारें मांगों को अनदेखा कर रही है। गुरुवार को सीएम से मिलकर मांग उठाई जाएगी। मांग नहीं मानने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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मांगें पूरी नहीं होगी जारी रहेगा धरना---धरना स्थल पर हुई सभा को जिमा महामंत्री उषा वर्मा,श्रीगंगानगर शहर अध्यक्ष मनीषा तिवारी, रीतू श्रीवास्तव, नीतू गोयल आदि महिलाओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है आंदोलन जारी रहेगा।
Published on:
06 Mar 2019 11:06 pm
