
श्रीगंगानगर.
भवन एवं संनिर्माण श्रमिक नियोजन करने वाले श्रमिकों के कार्ड अब पंचायत समिति में नहीं बनाए जाएंगे। अब श्रमिक कार्ड पंचायत समिति के बजाए जिला रोजगार कार्यालय में बनाने का अधिकार जिला रोजगार अधिकारी को दिया गया है।
नए आदेश के बाद रोजगार कार्यालय में श्रमिक कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पंचायत समिति ने श्रमिक कार्ड से संबंधित रिकॉर्ड जिला रोजगार कार्यालय शिफ्ट कर दिया है। जिले में विभिन्न योजनाओं में लंबित आवेदनों की समीक्षा की गई। इसमें समय पर श्रमिक कार्ड जारी नहीं होने की जानकारी राज्य सरकार व विभाग को मिली थी। इसके बाद विभाग यह निर्णय किया है।
ग्रामीण क्षेत्र के लंबित आवेदनों के निस्तारण का दायित्व पहले विकास अधिकारियों के पास था। कार्य बहुत धीमी गति से हो रहा था, इसलिए पात्र लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा था। इस कारण अब राज्य सरकार ने बीडीओ से यह अधिकार जिला रोजगार अधिकारी को दिया है। इस संबंध में भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल राज्य के श्रम आयुक्त एवं सचिव मंडल टी. रविकांत ने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य के नौ जिलों में जिला कलक्टर और सीईओ को बीडीओ को श्रमिक कार्ड जारी नहीं करने के लिए पाबंद किया है।
इन जिलों में लागू होंगे अब नए आदेश
राज्य सरकार ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, बाड़मेर, दौसा, जयपुर , झुंझुनंू, जोधपुर व उदयपुर जिले की समस्त पंचायत समितियों में पदस्थापित विकास अधिकारियों को श्रमिक कार्ड जारी नहीं करने के लिए पाबंद किया गया है। साथ ही श्रमिक कार्ड से संबंधित रिकॉर्ड जिला रोजगार कार्यालय को देने के लिए कहा गया है।
अब श्रमिक कार्ड रोजगार कार्यालय में बनेगा
श्रमिक कार्ड बनाने का अधिकार अब जिला रोजगार अधिकारी को दे दिया है। अब पंचायत समिति में श्रमिक कार्ड से संबंधित रिकॉर्ड हस्तांतरित कर दिया गया है।
-गुरतेज सिंह, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, श्रीगंगानगर।
Published on:
4 Mar 2018, 7:15 AM IST
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