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41 मिनट पहले ही परिवार से की थी बात, फिर जहाज पर फटा रॉकेट! होर्मुज में पुणे के इंजीनियर हेरंभ की मौत

Iran US War: ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हुए हमले में पुणे के मर्चेंट नेवी इंजीनियर हेरंभ करमरकर की मौत हो गई। इसके बाद भारत ने ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 15, 2026

Strait of Hormuz Attack Heramb Karmarkar died

पुणे के मर्चेंट नेवी इंजीनियर हेरंभ करमरकर की ईरान के हमले में मौत (Photo: X/IANS)

Heramb Karmarkar Pune Death: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब भारतीयों की जान पर भी भारी पड़ने लगा है। ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में महाराष्ट्र के पुणे निवासी और मर्चेंट नेवी इंजीनियर हेरंभ करमरकर की मौत हो गई। इस हमले में कई अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद भारत सरकार ने ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है।

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमला, इंजन रूम के पास थे हेरंभ करमरकर

जानकारी के अनुसार, हेरंभ करमरकर मर्चेंट नेवी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और एमवी जीएफएस गैलेक्सी (MV GFS Galaxy) नामक जहाज पर तैनात थे। रविवार तड़के करीब 3:30 बजे ओमान की समुद्री सीमा से गुजरते समय जहाज पर हवाई हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम के पास भीषण आग लग गई। उस समय हेरंभ वहीं मौजूद थे और इस हादसे में उनकी मौत हो गई। जबकि जहाज पर सवार 24 लोगों में से 23 को सुरक्षित बचा लिया गया।

आखिरी कॉल के ठीक 41 मिनट बाद हुआ धमाका

बताया गया कि हमले से पहले रविवार रात करीब 2:49 बजे हेरंब करमरकर की अपने पुणे स्थित परिवार से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इस बातचीत के ठीक 41 मिनट बाद, तड़के 3:30 बजे उनके जहाज को निशाना बनाया गया। इसके बाद मंगलवार को उनकी कंपनी ने परिजनों को फोन कर उनके निधन की सूचना दी। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुणे में भी इस घटना के बाद शोक की लहर है।

भारत ने ईरान के सामने दर्ज कराया कड़ा विरोध

होर्मुज स्ट्रेट के पास हुए हमले में भारतीय क्रू सदस्य की मौत पर विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने इस घटना को लेकर नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे हमले तुरंत रोके जाएं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

ईरान-अमेरिका संघर्ष फिर हुआ तेज

खाड़ी क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर संघर्ष तेज हो गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान कथित तौर पर अमेरिका के सहयोगी देशों और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों को निशाना बना रहा है। इसी क्रम में हेरंभ करमरकर के जहाज पर भी हमला हुआ। इससे पहले भी इस संघर्ष के दौरान अन्य जहाजों पर हुए हमले में भारतीय नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आ चुकी हैं।