ग्रामीणों के मुताबिक 1970 में मंदिर की स्थापना बिहारी महाराज ने की थी। पूरे गांव वालों ने अपने सहयोग से पूरे उत्साह के साथ मंदिर का निर्माण किया। हालात यह थे कि सीमेंट, पत्थर, बजरी, सरिया लेकर 80—80 किलोमीटर पैदल चले। दरअसल उस समय न वहां सड़क हुआ करती थी, और न ही समान लाने व ले जाने के लिए कोई वाहनों की उपलब्धता थी। 21 सालों बाद राम मंदिर के खुलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीआरपीएफ टीम को बधाई दी।