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प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने किया बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ, बोले- खेल से होगा बस्तर का सामाजिक परिवर्तन

Bastar Olympics: सुकमा जिले के हड़मा स्टेडियम में विकासखंड स्तरीय ‘बस्तर ओलंपिक’ का भव्य शुभारंभ हुआ। वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने दीप प्रज्वलन कर प्रतियोगिता की शुरुआत की।
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बस्तर ओलंपिक का भव्य आगाज (photo source- Patrika)

बस्तर ओलंपिक का भव्य आगाज (photo source- Patrika)

Bastar Olympics: सुकमा जिले के हड़मा स्टेडियम में बुधवार को खेल, संस्कृति और उमंग का संगम देखने को मिला, जब प्रदेश के वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने विकासखंड स्तरीय ‘बस्तर ओलंपिक’ खेल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया। खिलाड़ियों की जोशीली उपस्थिति और दर्शकों के उत्साह से पूरा मैदान गूंज उठा।

Bastar Olympics: खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव को बढ़ाया

कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी मंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ की। इसके बाद उन्होंने भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को नियमों का पालन और सच्ची खेल भावना से खेलने की शपथ दिलाई। उन्होंने रस्साकसी और वॉलीबॉल मुकाबलों की शुरुआत कर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में खेल-कूद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक विकास का अहम साधन है। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है।

बस्तर में विकास व शांति की नई राह

प्रभारी मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बस्तर के युवा खेल के माध्यम से नई पहचान बनाएं। हमारे उपमुयमंत्री विजय शर्मा ने भी कहा है कि पुनर्वास और मुयधारा में वापसी से ही बस्तर में स्थायी शांति संभव है। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी, धनीराम बारसे, कुसुमलता कोवासी, रीना पेद्दी, हुंगाराम मरकाम, राधा नायक समेत अनेक जनप्रतिनिधि एवं हजारों खिलाड़ी उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक सिर्फ खेल नहीं, बस्तर के शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में एक अभियान

Bastar Olympics: केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सिर्फ खेल नहीं, बस्तर के शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में एक अभियान है। यह मंच युवाओं को एकजुट कर बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त बनाने में मदद करेगा। श्री कश्यप बताया कि पिछले वर्ष जहां 1.65 लाख लोगों ने भाग लिया था, वहीं इस बार प्रतिभागियों की संया 3 लाख से अधिक पहुंच गई है जो इस आयोजन की लोकप्रियता दर्शाता है।

जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष खिलाड़ियों में उत्साह दोगुना रहा। पिछले साल की तुलना में 30 हजार अधिक, यानी लगभग 43 हजार खिलाड़ियों ने इस बार बस्तर ओलंपिक में पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि सुकमा के साथ-साथ कोंटा और छिंदगढ़ विकासखंडों में भी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।

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