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Mahashivratri 2022: पांच ग्रहों के दुर्लभ संयोग से महाशिवरात्रि पर बन रहा खास योग

इस बार शिवरात्रि पर पांच ग्रहों के मिलन से एक मार्च को महाशिवरात्रि और 2 मार्च को अमावस्या तक विशेष पूजन अनुष्ठान के योग बन रहे हैं। इस बार शिवरात्रि पर सबसे खास बात यह है कि मंदिरों शिवालयों में श्रद्धालुओं दर्शन पूजन कर सकेंगे। दुर्लभ संयोग के कारण भक्तगण पर्व को लेकर विशेष आयोजनों की तैयारियां भी शुरू कर दिये हैं।

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Mahashivratri 2022: पांच ग्रहों के दुर्लभ संयोग से महाशिवरात्रि पर बन रहा खास योग

Mahashivratri 2022: पांच ग्रहों के दुर्लभ संयोग से महाशिवरात्रि पर बन रहा खास योग

Mahashivratri 2022: इस बार महाशिवरात्रि पर पांच ग्रहों का दुर्लभ मिलन हो रहा है। पांच ग्रहों के मिलन से इस दुर्लभ संयोग पर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के खास योग बन रहे हैं। भगवान शिव की पूजा अर्चना कर भक्तगणों को भगवान शिव को प्रसन्न करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा। यह बातें आचार्य डॉ शिवबहादुर तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि के दिन पहले यानी 28 फरवरी को सोमवार पड़ रहा है और इसी दिन से प्रदोष व्रत रहेगा। इस बार शिवरात्रि पर पांच ग्रहों के मिलन से एक मार्च को महाशिवरात्रि और 2 मार्च को अमावस्या तक विशेष पूजन अनुष्ठान के योग बन रहे हैं। इस बार शिवरात्रि पर सबसे खास बात यह है कि मंदिरों शिवालयों में श्रद्धालुओं दर्शन पूजन कर सकेंगे। दुर्लभ संयोग के कारण भक्तगण पर्व को लेकर विशेष आयोजनों की तैयारियां भी शुरू कर दिये हैं।

इस समय पर शुरू होगी शिवरात्रि

आचार्य डॉ शिव बहादुर तिवारी ने बताया कि शिवरात्रि चतुर्दशी तिथि 1 मार्च मंगलवार की सुबह 3:16 से 2 मार्च की रात 1:00 बजे तक शिवरात्रि का व्रत रहेगी। आचार्य डॉक्टर शिव बहादुर तिवारी ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर पंच ग्रहों मिलन के दुर्लभ संयोग से योग बन रहा है। जो सभी मनोरथ पूर्ण करने वाला माना जाता है। मंगलवार को मकर संक्रांति में शुक्र, मंगल ,बुध ,चंद्रमा के सहयोग के साथ ही केदार योग भी बनेगा, जो पूजा उपासना के लिए विशेष कल्याणकारी होता है।

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उन्होंने बताया कि शिव पूजन का 28 फरवरी यानी सोमवार को प्रदोष से शुरू होगा। आचार्य श्री ने बताया कि इसके चलते 3 दिनों तक भगवान शिव की पूजा अनुष्ठान होंगे। एक मार्च को महाशिवरात्रि और 2 मार्च को अमावस्या तिथि होगी। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का पूजन कर अनुष्ठान का समापन करेंगे।

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इस साल फाल्गुन मास में बहुत दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस साल महाशिवरात्रि के साथ ही अन्य पर्वों के रंग भी रहेंगे। 17 फरवरी से 18 मार्च तक फाल्गुन मास में तीज त्योहार भी पड़ रहे हैं। इसमें कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि और फाल्गुन शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के पूजन का दिन आमलकी एकादशी व्रत भी पड़ रहा है। 1 मार्च को महाशिवरात्रि ,2 मार्च को फाल्गुन अमावस्या, 4 मार्च को फुलेरा दूज, 14 मार्च को आम लकी एकादशी और 17 मार्च को होलिका दहन होगा इसके बाद 18 मार्च को रंगों का पर्व मनाया जाएगा।

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