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बीजेपी को इस VIP लोकसभा सीट पर उतारना पड़ा डमी कैंडिडेट, बसपा ने आसानी से जीत लिया था चुनाव

महागठबंधन की अटकलों के बीच वीआईपी सुलतानपुर लोकसभा सीट पर हार-जीत का गुणा-भाग शुरू हो गया है...

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इस VIP सीट बीजेपी को उतारना पड़ा डमी कैंडिडेट, बसपा ने आसानी से जीत लिया था लोकसभा चुनाव

सुलतानपुर. महागठबंधन की अटकलों के बीच वीआईपी सुलतानपुर लोकसभा सीट पर हार-जीत का गुणा-भाग शुरू हो गया है। इस सीट पर कभी भी सपा का खाता नहीं खुला, जबकि मौजूदा समय में भाजपा के वरुण गांधी यहां से सांसद हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में वरुण गांधी ने जिले की इकलौती लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर 16 साल बाद यहां कमल खिलाया था। लेकिन वर्ष 1999 में भाजपा को इस सीट पर डमी कैंडिडेट उतारना पड़ा था।

जिले के चुनावी इतिहास में बहुजन समाजवादी पार्टी ने वर्ष 1999 और 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में विजय हासिल की थी। 1999 में भाजपा प्रत्याशी बनाये गए गोण्डा जिले के सत्यदेव सिंह का नामांकन पत्र खारिज हो जाने के कारण और भाजपा को मजबूरन डमी कैंडिडेट चन्द्र भूषण द्विवेदी पर दांव आजमाया था, लेकिन बसपा के पक्ष में मतों का ध्रुवीकरण होने के कारण बसपा ने बाजी मारी थी। 1999 में बसपा के टिकट पर सांसद बने जयभद्र सिंह पर क्षेत्र की घोर उपेक्षा करने एवं कई अन्य कारणों से 2004 के लोकसभा चुनाव में जयभद्र सिंह का टिकट काटकर जातीय समीकरण साधने के लिए बसपा ने मोहम्मद ताहिर को मैदान में उतारा और वे चुनाव जीतने में सफल रहे।

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गठबंधन में बसपा का दावा मजबूत
जिले के बसपा नेता श्यामलाल कहते हैं कि इस वीआईपी लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का कभी खाता ही नहीं खुला और कांग्रेस जनाधार विहीन हो गई है तो ऐसे में इस सीट पर बसपा का दावा सबसे ज्यादा मजबूत है। हालांकि, बसपा संगठन के पदाधिकारी अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन जिले के बसपा नेताओं ने जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनका कहना है कि गठबंधन होने की सूरत में भी यह सीट बसपा के खाते में ही आएगी।

भाजपा प्रवक्ता बोले- फिर खिलेगा कमल
भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता विजय सिंह रघुवंशी ने बीजेपी की जीत का दावा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले सीटों के बंटवारे में ही गठबंधन की संभावनाएं खत्म हो जाएगी। सुलतानपुर लोकसभा सीट पर एक बार फिर कमल ही खिलेगा।

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जिले में अटकलों का बाजार गर्म
2019 का लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि इस बार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी के मुकाबले किस पार्टी का कौन उम्मीदवार होगा भाजपा के संभावित प्रत्याशी वरुण गांधी को सीधी टक्कर दे पाएगा। चर्चायें इस बात को लेकर भी हैं कि यदि संयुक्त विपक्ष का महागठबंधन हुआ तो जिले की इकलौती लोकसभा सीट किस पार्टी के हिस्से में जाएगी और उस पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा?


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