
Coal mines
बिश्रामपुर. बिश्रामपुर एसईसीएल के सरहद पर स्थित कुम्दा 7-8 इन्क्लाइन अंडर ग्राउंड माइंस में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। खदान के भीतर मेन रूफ फॉल होने से कोयले की चट्टान के नीचे दबकर माइनिंग सरदार व कैरियर की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 2 मजदूर मामूली रूप से घायल हुए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इधर मृतकों का शव निकालने रेस्क्यू की टीम माइंस की भीतर घुसी है। वहीं डॉक्टरों की टीम व एसपी-सीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे में एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है, इसमें कुछ भी कहने से अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर एसईसीएल सरहद के कुम्दा स्थित 7-8 अंडरग्राउंड माइंस में शुक्रवार की सुबह करीब 8.30 बजे शिफ्ट चेंज होने के बाद माइनिंग सरदार समेत अन्य मजदूर खदान के भीतर कोयला उत्पादन करने गए थे।
इंड्यूस विस्फोट के दौरान मेन रूफ फॉल की चपेट में चार लोग आ गए। इस बीच कोयले की बड़ी चट्टान के नीचे दबने से माइनिंग सरदार बिश्रामपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद व कैरियर के पद पर पदस्थ कुम्दा निवासी अजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं 2 अन्य मजदूर को मामूली चोटें आईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खदान के भीतर कुछ अन्य लोगों के दबे होने की भी आशंका जताई जा रही है। मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है।
माइनिंग सरदार ने प्रबंधन को दी थी रिपोर्ट
हादसे में एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि हादसे में मृत माइनिंग सरदार ने सप्ताहभर पूर्व एसईसीएल प्रबंधन को खदान धंसकने की संभावना की रिपोर्ट दी थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और यह हादसा हो गया।
Published on:
23 Nov 2018 03:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसुरजपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
