
बिश्रामपुर. CG Elephant attack: घर से जंगल में लकड़ी बीनने गए एक बुजुर्ग ग्रामीण को हाथी ने कुचलकर मार डाला। जब वह अन्य ग्रामीणों के साथ घर नहीं पहुंचा तो शाम को उसकी खोजबीन शुरु की गई। इसके बाद उसकी जंगल में लाश मिली। यह वही हाथी हैं, जो एक दिन पूर्व ही लड़ाई के दौरान बंडा हाथी की करंट से मौत के बाद अकेला विचरण कर रहा है। सूचना पर वन विभाग द्वारा मृतक की पत्नी को सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।
वन परिक्षेत्र सूरजपुर अंर्तगत ग्राम पंचायत अखोराकला घाघीटिकरा निवासी 67 वर्षीय जिन्दा राम पिता जयनदन राजवाड़े मंगलवार की सुबह घर से जंगल कक्ष क्रमांक पी 2572 में लकड़ी बीनने गया था। यहां पर दो हाथियों के द्वंद उपरांत बंडा हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत होने उपरांत दूसरा हाथी विचरण कर रहा था।
इसी बीच जंगल में वृद्ध का हाथी से सामना हो गया। वृद्ध कुछ कर पाता कि हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला। बताया जा रहा है कि पूरे दिन भर मृतक के परिजन यह सोच में थे कि बंडा हाथी की मौत पर उसकी डेड बॉडी देखने गए ग्रामीणों के साथ वह भी गया होगा। लेकिन जब शाम तक वापस घर नहीं लौटा तब परिजन द्वारा वृद्ध की तलाश शुरू की गई।
तलाश के दौरान एक ग्रामीण ने वृद्ध का शव जंगल में होने की सूचना परिजन व वन विभाग को दी। इसके पश्चात वन विभाग के कर्मचारियों व परिजन ने काफी मशक्कत कर हाथी की दहशत के बीच जंगल से वृद्ध का शव (CG Elephant attack) बरामद किया।
बुधवार को वन विभाग व लटोरी पुलिस द्वारा शव को पीएम उपरांत परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। साथ ही वन विभाग द्वारा मृतक की पत्नी को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। हाथी अभी राजपुर रेंज के अखोरा जंगल में डेरा जमाए हुए है, इससे लोगों में दहशत व्याप्त है।
Updated on:
5 Jun 2024, 7:35 PM IST
Published on:
5 Jun 2024, 7:35 PM IST
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