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आरक्षक बोलता था- तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती और लूट रहा था युवती की अस्मत, लेकिन…

वर्दी का रौब दिखाकर आरक्षक कई बार तार-तार कर चुका था युवती की आबरू, बढ़ते दबाव को देख पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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Rape victim

Girl in police station

सूरजपुर. सूरजपुर जिले में पदस्थ एक आरक्षक पर युवती ने दैहिक शोषण का आरोप लगाया है। युवती का कहना था कि आरक्षक पुलिसिया धौंस दिखाकर उससे दुष्कर्म करता आ रहा था।

युवती द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस द्वारा आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसी बीच बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस को आरक्षक के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।


जिन लोगों पर महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा होता है वे ही यदि उनकी अस्मत से खिलवाड़ करने लग जाएं तो इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। ऐसा ही एक मामला सूरजपुर जिले के ग्राम पचिरा से आया है। यहां की एक युवती ने आरक्षक पर दैहिक शोषण का आरोप लगाया है।

युवती का कहना है कि आरक्षक चमन लाल राजवाड़े पुलिस विभाग में ड्राइवर के पद पर पदस्थ है। उसने बताया कि पहले तो आरक्षक ने उसे अपने झांसे में लिया और उसका दैहिक शोषण करने लगा। बाद में वह पुलिस की वर्दी की रौब दिखाकर उसकी अस्मत लूटने लगा। युवती द्वारा मना करने के बाद वह उसे डराता-धमकाता था।

आरक्षक की इस करतूत से परेशान युवती ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई लेकिन पुलिस द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। युवती की शिकायत दबाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस पहले तो आरक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज करने में आनाकानी करती रही लेकिन बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस को आरक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज करना पड़ा।

पुलिस ने युवती की रिपोर्ट पर आरक्षक व ड्राइवर चमनलाल राजवाड़े के खिलाफ धारा 376 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।


परिचित ही अधिकांश मामले में रहते हैं शामिल
दुष्कर्म की अधिकांश घटनाओं में पीडि़ता के जान पहचान वाले ही ऐसी घटना को अंजाम देते हैं। कई मामले में पीडि़ता लोक-लाज के डर से सामने नहीं आती है।

ऐसे में अपराधी का हौसला बढ़ता जाता है और वह इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देता रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले में चुप रहने की जगह पहली बार से ही सावधान रहने की जरूरत है।