
bike
सूरजपुर. एनएच के किनारे ठेकेदार द्वारा बेतरतीब की गई नाली निर्माण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क से लगभग 2 फिट ऊंची नाली होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत तो हो ही रही है, साथ ही लोगों को घर तक पहुंचने और अपनी वाहनों को अंदर रखने के लिए सड़क पर सीढिय़ों का निर्माण कराना मजबूरी हो गई है।
यह सब खुली आंखों से नजर आने के बावजूद जिम्मेदार आधिकारी और ठेकेदार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि अपनी आंखें न जाने किस मजबूरी में बंद किए हुए हंै।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय सूरजपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 43 का चौड़ीकरण और नाली निर्माण कार्य चल रहा है। एनएच निर्माण में संलग्न निर्माण एजेंसी यहां पूरे मनमानी तरीके से काम कर रही है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और जिला प्रशासन नियम विपरीत तरीके से गुणवत्ता एवं प्रस्तावित डिजाइन को ताक पर रखकर हो रहे कार्यों की अनदेखी कर रहे हंै।
सड़क किनारे बन रही नालियों को देखकर तो कोई अनपढ़ भी निर्माण कार्य की विसंगतियों के लिए बोल पड़ता है। स्थिति यह है कि नाली की ऊंचाई सतह से 2 फिट ऊपर होने के कारण लोगों को घर तक पहुंचने के लिए सड़क पर अस्थायी सीढिय़ां बनानी पड़ रहीं हंै।
सड़क पर सीढिय़ां बनाना आवश्यक
यदि शासन स्तर पर निर्माण एजेंसी की कार्यशैली को सुधरवाने की क्षमता जिले के आला अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की नहीं तो जनसुविधा की दृष्टि से नाली पर चढ़कर घर तक पहुंचने के लिए सड़क में सीढिय़ां बनाकर देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सकता है। ताकि छोटे बच्चे, वृद्धजन और महिलाओं समेत विकलांगों की दिक्कत कम हो सके।
एनएच के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
सड़क, नाली और स्लैब निर्माण कार्य एनएच के अधिकारियों की देखरेख में हो रहा है। सड़क निर्माण कार्य में प्राकलन का अनुपालन कराना। नाली व स्लैब के कार्य में गुणवत्ता व क्यूरिंग को लागू कराने का दायित्व एनएच अधिकारियों का है। सड़क निर्माण कार्य व विसंगतिपूर्ण नाली निर्माण के कार्य को लेकर ध्यानाकर्षित कराने के बावजूद विभागीय उपयंत्री व ईई द्वारा सुधार हेतु कोई प्रयास नहीं किये गये।
खराब नाली और सड़क के लिए जितना दोषी ठेकेदार है उससे ज्यादा जिम्मेदार एनएच के अधिकारी है। सतह से 2 फिट ऊंची नाली और ऊंची- नीची सड़क जिले के आला अधिकारियों को भी कठघरे में खड़े करती है। जनसामान्य ने तोडफ़ोड़ के दौरान प्रशासन का और मनमाने ढंग से निर्माण कार्य करने हेतु ठेकेदार का पूरी तरह से साथ दिया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका ईमानदारी से नहीं निभा पाये। उनकी भूमिका पर सदैव उंगलियां उठती रहेंगीं।
सड़क पर पटरा बिछाकर पहुंचते हैं घर
सामान्य तौर पर सड़क से नाली की ऊंचाई महज 5 इंच तक रखने का प्रावधान है। लेकिन सतत मॉनिटरिंग के अभाव में ठेकेदार द्वारा नगर के अंदर नालियों की ऊचाई 1 फिट से 3 फिट तक कर दिया गया है। परिणाम स्वरूप लोगों को अपने घर तक पहुंचने के लिए नाली और सड़क के मध्य पटरा बिछाना पड़ रहा है। लोग तो अपनी दोपहिया वाहनों तक को घर के अंदर नहीं कर पा रहे हैं, या तो वाहन अंदर करने पटरा बिछाना पड़ता है या फिर दो लोगों का सहयोग लेकर अंदर करना पड़ता है।
ठेकेदार ने की है मनमानी
एनएच के तहत सूरजपुर में बनी नालियां लोगों के लिए समस्या बन गई हैं। सड़क से नाली की ऊंचाई अधिकतम 6 इंच तक रखी जानी चाहिए थी, ठेकेदार द्वारा अधिक ऊंचाई मनमाने तरीके से रखी गई है, जिसका भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया जायेगा। नालियों का पुन: नए सिरे से निर्माण कराया जायेगा।
व्ही.के. पटोरिया, कार्यपालन अभियंता एनएच सरगुजा
Published on:
14 May 2018 05:12 pm
बड़ी खबरें
View Allसुरजपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
