
Villager dead body
पोड़ी मोड़. सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम बोझा निवासी एक ग्रामीण अपनी बेटी-दामाद के घर से सोमवार की अलसुबह घर लौट रहा था। रास्ते में महुआ पेड़ देखकर वह महुआ बिनने लगा। इसी बीच वहां से गुजर रहे दंतैल हाथी की नजर उस पर पड़ गई। हाथी उसे दौड़ाने लगा तो वह जान बचाने भागा लेकिन खेत के कीचड़ में फंस गया।
इस दौरान हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया और पेट पर चढ़कर जान ले ली। सूचना पर पहुंचे वन अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किया। पीएम पश्चात शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम बोझा के सल्यापारा निवासी दशरथ बरगाह रविवार को अपनी बेटी मानमती व दामाद मोतीलाल के घर ग्राम मायापुर, बांधपारा गया था। रातभर रुकने के बाद सुबह वह अपने घर के लिए पैदल निकला। करीब 5 बजे रास्ते में छुई ढोडग़ा स्थित महुआ पेड़ देखकर वह रुक गया। वह जमीन पर गिरे महुआ को बीनने लगा।
इसी बीच वहां से गुजर रहे दंतैल हाथी ने उसे देख लिया और उसे मारने दौड़ाया। ग्रामीण ने जब हाथी को अपनी ओर आते देखा तो वह जान बचाने भागने लगा। इस दौरान वह छुई गड्ढा खेत के कीचड़ में फंस गया। फिर पीछे से हाथी पहुंचा और पहले तो उसे सूंड से उठाकर कई बार खेत में ही पटका।
इसके बाद खेत से बाहर निकालकर उसके पेट पर अपना भारी-भरकम पैर रख दिया। इससे ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह 6.30 बजे शौच करने निकले ग्रामीण घासीराम ने उसे खेत के किनारे पड़े देखा तो गांव वालों को सूचना दी। सूचना मिलते ही मृतक के बेटी व दामाद सहित काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
वन अमला भी पहुंचा
घटना की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही सोनगरा वन परिक्षेत्र सहायक सतीश यादव वहां पहुंचे। उनकी सूचना पर एसडीओ प्रभाकर खलखो, रेंजर डीएन जायसवाल व शैलेष गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने पंचनामा पश्चात मृतक के शव को पीएम के लिए प्रतापपुर भिजवाया। इधर तात्कालिक सहायता राशि के रूप में रेंजर ने मृतक के कोई पुत्र नहीं होने की वजह से उसकी छोटे दामाद को 25 हजार रुपए प्रदान किया।
Updated on:
10 Apr 2018 01:05 pm
Published on:
09 Apr 2018 02:23 pm
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