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पिता को हाईटेंशन तार में चिपका देख बांस का डंडा लेकर बचाने पहुंचा बेटा लेकिन हो गया ये

ग्राम पंचायत सिलफिली के बंगालीपारा की घटना, नाराज लोगों ने एनएच पर कर ली थी चक्काजाम की तैयारी
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 5 Aug 2018, 8:54 PM IST

Villagers

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बिश्रामपुर. ग्राम पंचायत सिलफिली के बंगालीपारा में रविवार की सुबह एक ग्रामीण अपने खेत में मवेशियों को बांधने जा रहा था, तभी टूटे हुए हाईटेंशन तार की चपेट में आकर तड़पने लगा, उसे देख बेटा बांस लेकर दौड़ते हुए बचाने पहुंचा, लेकिन वह भी तार की चपेट में आकर झुलस गया। दोनों को गंभीर हालत में अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इधर इस घटना से नाराज लोगों ने एनएच पर चक्काजाम करने की तैयारी कर ली, इसकी जानकारी मिलने पर भाजयुमो पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देते हुए विद्युत विभाग के अधिकारी से चर्चा की। पिता-पुत्र को मुआवजा राशि मिलने व जर्जर तारों को बदलने का आश्वासन मिलने पर लोगों ने चक्काजाम टाल दिया।


जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सिलफिली के बंगालीपारा निवासी 58 वर्षीय चित्रो शील रविवार की सुबह लगभग 8 बजे अपने खेत के समीप मवेशी को बांधने जा रहा था। तभी वहां पहले से ही टूट कर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया, उसे तड़पता देख बेटा ३२ वर्षीय मिथुन बांस लेकर उसकी जान बचाने पहुंचा लेकिन वह भी हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया।

पिता-पुत्र की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सूझ-बूझ से पिता-पुत्र की जान बचाई। लोगों ने पिता-पुत्र को तत्काल अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इधर इस घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और एनएच ४३ पर चक्काजाम करने की तैयारी कर ली।

मौके पर स्थानीय निवासी नित्तो विश्वास, गोपाल बाइन, टेलर दादा, बाबुल सेन, अर्जुन कुशवाहा, पवन वर्मन, सन्यासी बैरागी, डाकुआ दास, राजा सिन्हा, संजय दास, सरपंच अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग जुट गए।


पीडि़तों को मिलेगी सहायता राशि
लोगों द्वार चक्काजाम किए जाने की सूचना पर भाजयुमो के प्रदेश पदाधिकारी अनूप सिन्हा मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज ग्रामीणों को समझाइश दी और मोबाइल से बिजली विभाग के उच्च अधिकारी से बात की। अधिकारी ने शासन की योजना के तहत पीडि़त पिता-पुत्र को एक सप्ताह के भीतर दो-दो लाख की सहायता राशि व दो दिन में जर्जर तारों को बदलने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने चक्काजाम टाल दिया।